नौकरी परमानेंट करने के नाम पर 10-10 हजार की ली रिश्वत

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नौकरी परमानेंट करने के नाम पर 10-10 हजार की ली रिश्वत
पूर्व बीएमओ पर सफाई कर्मियों ने लगाए आरोप, कमिश्नर ने बैठाई जाँच

ब्योहारी (सतीश तिवारी)। जिले के सिविल अस्पताल का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जिसमें सिविल अस्पताल में पहले पदस्थ रहे पूर्व बीएमओ डॉ.राजेश मिश्रा के खिलाफ हॉस्पिटल के ही सफाई कर्मियों ने नौकरी भर्ती के दौरान व परमानेंट करने के नाम से प्रत्येक स्वीपरों से 10-10 रुपये लेने का एक गंभीर आरोप लगाया है, परेशान पीडि़त सफाई कर्मी दर-दर की ठोकर खाकर न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे है, ये दर्द भरी दस्तान ब्यौहारी सिविल हॉस्पिटल में कार्यरत सफाई कर्मियों की है, जहाँ ये सभी सफाईकर्मी ब्याज से लिए 10-10 हजार रुपये का आज तक ब्याज भर-भर के परेशान होकर प्रदेश के मुखिया व शहडोल संभागीय मुख्यालय में अधिकरियों से न्याय की गुहार लगा ब्याज के चंगुल से मुक्ति मांग कर न्याय की गुहार लगा रहे है।
उठाये थे ब्याज में रुपये
यह मामला सिविल हॉस्पिटल ब्यौहारी में कार्यरत सफ़ाईकर्मियों की है, जिसमें एक वर्ष पूर्व अस्पताल के सभी सफाईकर्मियों से नौकरी व उसके परमानेंट के नाम पर 10-10 हजार की मांग पूर्व बीएमओ डॉ. राजेश मिश्रा द्वारा 2018 में तत्कालीन बीएमओ रहते की गई जिसमें सभी सफाई कर्मियों द्वारा 5 प्रतिशत ब्याज से 10-10 हज़ार रुपये लेकर पूर्व बीएमओ डॉ.राजेश मिश्रा को दिया गया था, जिसमें आज दिनांक तक न सफ़ाई कर्मियों को परमानेन्ट किया गया और न ही सफाईकर्मियों को डॉ.राजेश मिश्रा के द्वारा पैसे वापिस किया गया, सफाईकर्मियो द्वारा ये भी आरोप डॉ. राजेश मिश्रा के ऊपर लगाया जा रहा कि हम लोगों के द्वारा पैसे वापिस मांगने या किसी से बताने पर मारपीट कर नौकरी से भगा देने की धमकी भी दी जाती है। जिससे ये डरे-सहमें सभी सफाईकर्मी प्रदेश के मुखिया व संभागीय मुख्यालय में अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहे है। साथ ही स्थानीय लोगों के द्वारा भी पूर्व बीएमओ डॉ.राजेश मिश्रा के द्वारा सिविल हॉस्पिटल में किए गए भ्रष्टाचार-अनियमितता से अस्पताल की चरमराई व्यवस्था से आक्रोशित होकर एक उच्च स्तरीय जांच कराकर इनके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की गई है।
जारी किये थे नोटिस
ंवहीं दूसरी ओर ब्यौहारी के कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष विनोद ताम्रकार द्वारा सिविल हॉस्पिटल ब्यौहारी के पूर्व बीएमओ डॉ. राजेश मिश्रा द्वारा किए गए अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को उजागर करने व उनके खिलाफ कार्यवाही हेतु लगातार कमिश्नर, कलेक्टर, प्रभारी मंत्री के साथ ही प्रदेश मुख्यालय में स्वास्थ मंत्री को शिकायत पत्र भेजकर कार्यवाही की माँग करते रहे है, जिससे डॉ. राजेश मिश्रा का ब्यौहारी से ट्रांसफर जरूर हो गया और हॉस्पिटल से संबंधित सभी शिकायत व उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के खिलाफ कमिश्नर द्वारा 14 नवंबर 2019 को डॉ. राजेश मिश्रा के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करके 7 दिन के अंदर जवाब भी मांगा गया था लेकिन जिसमें पूर्व बीएमओ डॉ. राजेश मिश्रा द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने से कमिश्नर द्वारा पुन: 23 दिसंबर 2019 को चार्जशीट जारी कर कार्यवाही की गई है।
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इनका कहना है
मामले की जांच कमिश्नर के द्वारा कराई जा रही है। जाँच के बाद सब साफ हो जाएगा। मेरे खिलाफ राजनैतिक साजिश के तहत शिकायत कराई गई है।
राजेश मिश्रा
बीएमओ

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