स्वीकृत आवास की सूची को रखा जा रहा है गुप्त कमीशन खोरी की आ रही भनक।
गिरीश राठौर
*बरगवां अमलाई सीएमओ ने साधी चुप्पी।पीएम आवास का सपना रह जाएगा अधूरा*
अनूपपुर।/पूर्व में ग्राम पंचायत बरगवां जहां पर भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियां बटोरने मैं महारत हासिल करने वाली जिले की सर्वश्रेष्ठ पंचायत चाहे वह इंदिरा आवास योजना या फिर सड़क नाली पुलिया निर्माण कार्य साथ ही शौचालय निर्माण कार्य में व्यापक तौर पर किए गए भ्रष्टाचार को लेकर सरपंच सचिव की मिलीभगत में लाखों-करोड़ों रुपए की होली खेली गई उसके बाद नवीन नगर परिषद के रूप में गठित नगर परिषद बरगवां अमलाई में विकास कार्यों को लेकर भ्रष्टाचार एवं अनियमितताएं थमने का नाम नहीं ले रही वही समस्या ज्यों की त्यों अनवरत चल रही है क्षेत्र की जनता की उम्मीद में खरे नहीं उतर पा रहे नवनिर्वाचित पार्षद गण पुनः विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र में निवासरत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले गरीबों को मिलने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कमीशन खोरी की भेंट चढ़ रही है ज्ञात हो कि नगर परिषद बरगवां अमलाई में सभी विकास कार्यों में अवरोध वाह रुकावट का क्या कारण है यह जान पाना बहुत ही कठिन हो गया है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को स्वीकृत आवास की सही मायने में सूचीबद्ध नहीं किया गया है पूर्व में बनाई गई ग्राम पंचायत के द्वारा सूची बीपीएल का उपयोग यथावत उसी प्रकार किया जा रहा है जिसमें दर्ज हितग्राहियों के नाम हैं जिन्हें पूर्व में इंदिरा आवास योजना परिवर्तित नाम प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ एक या दो बार मिल चुका है वही पुरानी हितग्राही सूची के आधार पर उन हितग्राहियों को कमीशन लेकर पुनः लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है बताया जाता है कि नगर परिषद के फर्जी भर्ती कर्मचारियों के माध्यम से सर्वे रिपोर्ट तैयार कर ऐसे लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है जिनके द्वारा नगर परिषद में पदस्थ सीएमओ को जितनी ज्यादा चढ़ोतरी के रूप में कमीशन प्रदान किया जाएगा उन्हीं के नाम प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति पर अपनी सहमति प्रदान की जाएगी। कई महीनों के उपरांत आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद भी स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास की बनाई गई सूची वा लिस्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है सूत्रों की माने तो इस कार्य में कुछ जनप्रतिनिधि व दलाल बीपीएल सूची में दर्ज नामों के आधार पर लोगों के घर घर जाकर अपने अपने हितैशियो को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी कमीशन खोरी की राशि तय की जा रही है उसके उपरांत ही प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत हितग्राहियों के नाम का खुलासा किया जाएगा।