ऑटो चालक को बिना ऑपरेशन के राहत मिलने का दावा किया गया है, जिससे उसकी आंखों की रोशनी वापस लौट आई*

0

 

जिला रिपोर्टर फैज मोहम्मद कोरबा

कोरबा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को लेकर प्रचलित धारणाओं के बीच कोरबा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों का नजरिया बदलने का काम किया है। यहां मोतियाबिंद से पीड़ित एक ऑटो चालक को बिना ऑपरेशन के राहत मिलने का दावा किया गया है, जिससे उसकी आंखों की रोशनी वापस लौट आई और वह फिर से सामान्य जीवन जीने लगा है। जानकारी के अनुसार, कोरबा निवासी ऑटो चालक मुन्ना साहू को आंखों में धुंधलापन महसूस होने पर जांच कराई गई, जिसमें मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने वैकल्पिक उपचार के रूप में आयुर्वेद का सहारा लिया। इसके बाद उन्होंने निहारिका स्थित आयुर्वेदाचार्य नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा से परामर्श लिया। चिकित्सक के मार्गदर्शन में आयुर्वेदिक उपचार शुरू किया गया, जिसमें पंचकर्म की अक्षितर्पण प्रक्रिया का उपयोग किया गया। इस प्रक्रिया में औषधीय घी और जड़ी-बूटियों से तैयार द्रव के माध्यम से आंखों को पोषण दिया जाता है, जिससे रक्त संचार में सुधार होता है और नेत्र रोगों में लाभ मिलता है। कुछ समय के उपचार के बाद मुन्ना साहू की आंखों की रोशनी में सुधार हुआ और वे फिर से ऑटो चलाने लगे। चिकित्सक के अनुसार आयुर्वेद में शरीर के सभी अंगों के उपचार की प्रभावी पद्धतियां मौजूद हैं, जो कई जटिल बीमारियों में भी लाभकारी सिद्ध हो रही ह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *