वसूली के दौरान बवाल: विद्युत कर्मियों पर हमला, वाहन से टक्कर मारने का आरोप, अमलाई थाने में FIR दर्ज
शहडोल (ब्यूरो)। जिले के अमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गिरवा में बिजली बिल वसूली के दौरान हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की टीम पर हमला, अभद्रता, धमकी और वाहन से टक्कर मारने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना 23 मार्च 2026 की दोपहर लगभग 12:30 बजे की बताई जा रही है, जब विभागीय टीम बकाया बिजली बिलों की वसूली के लिए गांव पहुंची थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कनिष्ठ अभियंता विकाश गोंडुड़े अपने कर्मचारियों के साथ ग्राम गिरवा में उपभोक्ताओं से बकाया राशि वसूल रहे थे। इसी दौरान पवन यादव नामक व्यक्ति अपने वाहन से मौके पर पहुंचा और आरोप है कि उसने तेज व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए विभाग के अनुबंधित वाहन को टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जब विभागीय कर्मचारियों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और वहां से भागने की कोशिश की।

बताया गया है कि कर्मचारियों ने अन्य टीमों को सूचना देकर वाहन का पीछा किया, जिसके बाद ग्राम बलबहरा के पास ग्रामीणों की मदद से आरोपी के वाहन को रोका गया। वहां स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जहां आरोपी के साथ मौजूद नितिन रजक ने भी कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए लाठी निकालकर धमकाया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की और कर्मचारियों को डराने-धमकाने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ देर के लिए मौके पर विवाद की स्थिति बनी रही।
घटना के बाद कनिष्ठ अभियंता द्वारा थाना अमलाई में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई, जिसमें पूरे घटनाक्रम का विस्तार से उल्लेख किया गया। शिकायत में बताया गया कि विभागीय कर्मचारी नियमित रूप से राजस्व वसूली का कार्य कर रहे थे और उसी दौरान यह घटना घटित हुई। शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच कर मामला दर्ज किया।
पुलिस द्वारा दर्ज FIR क्रमांक 0084/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 281, 132, 351(3) एवं 324(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इन धाराओं में लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना, शासकीय कार्य में बाधा डालना, मारपीट एवं चोट पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं।
मामले में मुख्य आरोपी के रूप में पवन यादव निवासी बुढ़ार, जिला शहडोल का नाम सामने आया है। वहीं नितिन रजक का भी घटनाक्रम में उल्लेख किया गया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पुलिस विभाग के अनुसार मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक महेंद्र कुमार शुक्ला को सौंपी गई है। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले में खास बात यह सामने आई है कि विद्युत विभाग द्वारा दी गई लिखित शिकायत और पुलिस द्वारा दर्ज FIR में घटना का विवरण लगभग समान है, जिससे प्रथम दृष्टया मामला सत्य प्रतीत होता है। दोनों दस्तावेजों में यह स्पष्ट उल्लेख है कि घटना शासकीय कार्य के दौरान हुई और कर्मचारियों के साथ अभद्रता व हमला किया गया।
सरकारी कार्य के दौरान कर्मचारियों के साथ इस प्रकार की घटना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है। यदि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आती हैं तो इससे विभागीय कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की नजर भी इस पूरे मामले पर बनी हुई है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।