बलौदा बाजार जिले के वन प्रबंधन समीति के सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्र्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित*
मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला
बलौदा बाजार जिले के वन प्रबंधन समीति के सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्र्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित
प्रतिभागियों को ग्रामीण पर्यटन, प्रकृति संरक्षण एवं स्थानीय संसाधनों के माध्यम से आजीविका सृजन के बारे में दी गई जानकारी
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 24 मार्च 2026/जिला प्रशासन के सहयोग से बनमनई ईको केयर फाउंडेशन द्वारा बलौदा बाजार जिले के धमनी गांव के वन प्रबंधन समीति के 15 सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्र्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को ग्रामीण पर्यटन, प्रकृति संरक्षण एवं स्थानीय संसाधनों के माध्यम से आजीविका सृजन के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का प्रथम दिवस होमस्टे लमना में आयोजित किया गया। यह होमस्टे जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यहाँ की स्थानीय परंपराएं, पारंपरिक भोजन, सांस्कृतिक विरासत एवं आत्मीय मेहमाननवाजी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणास्रोत रही। प्रतिभागियों को विशेष रूप से इस होमस्टे में आमंत्रित कर ग्रामीण पर्यटन के सफल मॉडल से परिचित कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान पर्यटन सलाहकार संजय पयासी ने ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार स्थानीय समुदाय आपसी सहभागिता एवं समन्वय के माध्यम से पर्यटन को विकसित कर सकते हैं और इससे अपनी आजीविका सुदृढ़ कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब देश-विदेश से पर्यटक ग्रामीण क्षेत्रों में आते हैं, तो सांस्कृतिक एवं पारंपरिक ज्ञान का आदान-प्रदान होता है, जिससे विशेषकर ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों में आत्मविश्वास और जागरूकता का विकास होता है। 
कार्यशाला का द्वितीय दिवस ठाड़पथरा में आयोजित किया गया, जहाँ जिले के पर्यटन समन्वयक श्री हर्ष सोनी द्वारा प्रशिक्षण सत्र लिया गया। इस दिन प्रतिभागियों को माय के मंडप की रिवर साइड ट्रैकिंग कराई गई। साथ ही वहां की झील में बोटिंग का अनुभव कराया गया एवं यह प्रशिक्षण दिया गया कि पर्यटकों को सुरक्षित एवं आकर्षक तरीके से बोटिंग कैसे कराई जाती है। साथ ही सेमल वृक्ष की मदर ट्री तक की ट्रैकिंग कराई गई, जिसमें प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि स्थानीय स्तर पर रिवर साइड ट्रैकिंग, मदर ट्री, बोटिंग आदि गतिविधियों को कैसे दर्शनीय एवं आकर्षक बनाया जा सकता है। स्टोरी टेलिंग के माध्यम से पर्यटकों को इन स्थलों के बारे में रोचक एवं प्रभावी ढंग से जानकारी देने के तरीके भी सिखाए गए। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर पर्यटन विकास के जिला नोडल अधिकारी डॉ राहुल गौतम ने पर्यटन में प्रशासनिक भूमिका के संदर्भ में प्रतिभागियों को जानकारी दी।