शासन के आदेशों की अनदेखी: गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में अटैच शिक्षकों को मूल शाला में वापस भेजने कलेक्टर से शिकायत मानवाधिकार एसोसिएशन संभागीय अध्यक्ष श्रीमती विद्या राठौर ने की लिखित शिकायत
(मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला)
गौरेला(जीपीएम): जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और 100 सीटर बालिका छात्रावास में “अटैचमेंट” पर पदस्थ छात्रावास अधीक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर उनके मूल स्कूलों में भेजने की मांग उठी है। इस संबंध में जिला कलेक्टर महोदया को एक लिखित शिकायत सौंपी गई है, जिसमें बताया गया है कि शिक्षकों के गैर-शैक्षणिक कार्यों (छात्रावास प्रबंधन) में संलग्न होने से स्कूली बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है।
मामला क्या है: कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं 100 सीटर बालिका छात्रावास में कुछ शिक्षिकाओं को छात्रावास अधीक्षिका के रूप में अटैच किया गया है। इनकी मूल पदस्थापना स्कूलों में है, जहाँ इनकी अनुपस्थिति से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
शासन के आदेश दरकिनार: शिकायत पत्र में लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ (नवा रायपुर) के 24 फरवरी 2026 के आदेश का प्रमुखता से हवाला दिया गया है। इस आदेश में स्पष्ट निर्देश थे कि गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न सभी शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना हेतु कार्यमुक्त किया जाए। शिकायत के अनुसार, 23 मार्च 2026 बीत जाने के बावजूद जिले में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ है।
लगाए गए आरोप: पत्र में आरोप है कि निर्देशों की अनदेखी के कारण उक्त अधीक्षिका द्वारा छात्रावास का संचालन मनमाने तरीके से किया जा रहा है और दूसरी तरफ मूल स्कूलों में बच्चे बिना शिक्षक के पढ़ने को मजबूर हैं।
कलेक्टर से अपील:
आवेदनकर्ता (विद्या सिंह) ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए उचित कार्यवाही की जाए और छात्रावास में हुए इस अटैचमेंट को समाप्त कर शिक्षकों को उनकी मूल पदस्थापना के लिए तुरंत कार्यमुक्त किया जाए।