प्रशासनिक नेतृत्व में दिखी निगमायुक्त तपस्या परिहार की दृढ़ता समय-सीमा बैठक में सुशासन, विकास कार्यों और जवाबदेही पर कड़ा फोकस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
प्रशासनिक नेतृत्व में दिखी निगमायुक्त तपस्या परिहार की दृढ़ता
समय-सीमा बैठक में सुशासन, विकास कार्यों और जवाबदेही पर कड़ा फोकस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कटनी। नगर निगम में आयोजित समय-सीमा बैठक में निगमायुक्त तपस्या परिहार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसेवा और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जवाबदेही एवं समयबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एमआईसी सभागार में आयोजित बैठक के दौरान निगमायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन, टीएल प्रकरण, पेयजल व्यवस्था, निर्माण कार्यों और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई। जानकारी दी गई कि शहर के विभिन्न वार्डों में 23 स्थलों पर सोकपिट निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि अन्य कार्य प्रगति पर हैं। साथ ही कुओं की सफाई, लीकेज सुधार, सार्वजनिक प्याऊ संचालन और नदी-तालाबों की साफ-सफाई जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं। निगमायुक्त ने बावड़ियों और कुओं के सौंदर्यीकरण तथा वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना और आईएचएसडीपी योजना की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को लाभान्वित करने के लिए बैंकों से समन्वय बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पुरैनी स्थित कुशाभाऊ ठाकरे ट्रांसपोर्ट नगर योजना की समीक्षा करते हुए शेष प्लॉटों की नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने तथा शहर के भीतर संचालित ट्रांसपोर्ट व्यवसायों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। फायर सेफ्टी मानकों के पालन को लेकर निगमायुक्त ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों और बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करने को कहा। वहीं अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए बिना अनुमति विकसित कॉलोनियों पर रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए। बैठक के दौरान लेखा, स्थापना, जलकर, वाहन, उद्यान, शिक्षा एवं न्यायालयीन प्रकरणों सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने वर्षा पूर्व नाले-नालियों की सफाई, जर्जर भवनों की पहचान कर कार्रवाई, रोड मार्किंग, डिवाइडर मरम्मत और अतिक्रमण हटाने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर बाजार शाखा, संपदा शाखा एवं आईएचएसडीपी योजना से जुड़े कुछ कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में उपायुक्त शैलेष गुप्ता, कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।