शिकायत पर महापौर का तत्काल एक्शन नाली निर्माण में खुली इंजीनियर-ठेकेदार की मनमानी, घटिया निर्माण और सफाई अव्यवस्था देख भड़कीं प्रीति संजीव सूरी लापरवाही उजागर जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संकेत गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

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शिकायत पर महापौर का तत्काल एक्शन नाली निर्माण में खुली इंजीनियर-ठेकेदार की मनमानी, घटिया निर्माण और सफाई अव्यवस्था देख भड़कीं प्रीति संजीव सूरी लापरवाही उजागर जिम्मेदारों पर कार्रवाई के संकेत गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
कटनी।। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 27 मदन मोहन चौबे वार्ड में चल रहे नाली निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार की परतें उस समय खुल गईं, जब वार्डवासियों की लगातार शिकायतों के बाद महापौर प्रीति संजीव सूरी स्वयं मौके पर निरीक्षण करने पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई, जिससे निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों ने महापौर को बताया कि नाली निर्माण कार्य शुरुआत से ही नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा था। आरोप है कि ठेकेदार ने इंजीनियर की मिलीभगत से पास प्रोजेक्ट और स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण कराया। कई स्थानों पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहद घटिया पाई गई, जबकि कार्य की तकनीकी निगरानी करने वाले जिम्मेदार इंजीनियर पूरी तरह लापरवाह नजर आए।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने खुद निर्माण कार्य की बारीकी से जांच की और शिकायतें सही पाए जाने पर संबंधित इंजीनियर को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महापौर ने अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार अपनी मनमानी से कार्य कर रहा था और निगम के कुछ जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदकर सब देखते रहे। लोगों का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। निर्माण कार्य में न तो मानकों का पालन किया गया और न ही भविष्य की जल निकासी व्यवस्था का ध्यान रखा गया। रहवासियों ने यह भी आशंका जताई कि पहली ही बारिश में नाली निर्माण की पोल खुल सकती है।
निरीक्षण के दौरान वार्डवासियों ने सड़क निर्माण, बिजली के खंभों की अव्यवस्था और पानी निकासी जैसी अन्य गंभीर समस्याएं भी महापौर के सामने रखीं। लोगों ने आरोप लगाया कि वार्ड में विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। महापौर ने नागरिकों को आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा और दोषी ठेकेदार एवं इंजीनियर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों की मानें तो निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं को लेकर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार इंजीनियरों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य और निगम के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, लेकिन पूरे मामले ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि जांच और कार्रवाई के निर्देश केवल कागजों तक सीमित रहते हैं या वास्तव में भ्रष्टाचार और लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर कठोर कदम उठाए जाते हैं।

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