हाई कोर्ट की सख्ती का असर लल्लू भैया तलैया में शुरू हुई ऐतिहासिक खुदाई जनहित याचिका के बाद हरकत में आया प्रशासन, वर्षों से उपेक्षित तलैया को मिलेगा नया जीवन
हाई कोर्ट की सख्ती का असर लल्लू भैया तलैया में शुरू हुई ऐतिहासिक खुदाई
जनहित याचिका के बाद हरकत में आया प्रशासन, वर्षों से उपेक्षित तलैया को मिलेगा नया जीवन
कटनी। वर्षों से उपेक्षा और बदहाली का दंश झेल रही बीडी अग्रवाल वार्ड स्थित ऐतिहासिक लल्लू भैया तलैया को आखिरकार नया जीवन मिलने की शुरुआत हो गई है। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर जनहित याचिका के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और तलैया में खुदाई कार्य प्रारंभ होते ही क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
यह मामला वरिष्ठ पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष एडवोकेट मौसुफ बिट्टू द्वारा दायर जनहित याचिका क्रमांक WP No. 14477/2025 से जुड़ा है। याचिका में बताया गया था कि शहर की महत्वपूर्ण जल संरचना लल्लू भैया तलैया वर्षों से गंदगी, जल प्रदूषण, अतिक्रमण और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि वहां गंदगी का अंबार, मवेशियों का विचरण और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा आम बात बन गई थी।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2024 में वेटलैंड समिति द्वारा तलैया के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे, लेकिन धरातल पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस संबंध में कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त को फरवरी 2025 में आवेदन भी सौंपे गए, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर अंततः हाई कोर्ट की शरण लेना पड़ी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय उच्च न्यायालय की युगल पीठ न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा एवं न्यायमूर्ति श्री विनय सराफ ने मध्यप्रदेश शासन, कलेक्टर कटनी, नगर निगम आयुक्त, राज्य वेटलैंड प्राधिकरण भोपाल तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कटनी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। न्यायालय के सख्त रुख के बाद अब तलैया में ऐतिहासिक कार्य प्रारंभ हो गया है। जैसे ही जेसीबी मशीनें तलैया में उतरीं और खुदाई शुरू हुई, स्थानीय नागरिकों ने इसे “जनता की जीत” और “न्याय की ताकत” बताया। लंबे समय से क्षेत्रवासी जिस पहल का इंतजार कर रहे थे, वह अब जमीन पर दिखाई देने लगी है।
याचिकाकर्ता एडवोकेट मौसुफ बिट्टू ने कहा कि लल्लू भैया तलैया केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि शहर की धरोहर और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण केंद्र है। यदि समय रहते इसका संरक्षण नहीं किया जाता तो आने वाले वर्षों में यह अस्तित्व खो सकती थी। उन्होंने कहा कि तलैया में ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने हेतु फाउंटेन, नियमित जल संरक्षण, हरियाली एवं आकर्षक सौंदर्यीकरण की दिशा में भी कार्य होना चाहिए, ताकि यह क्षेत्र शहरवासियों के लिए स्वच्छ और सुंदर सार्वजनिक स्थल बन सके। उन्होंने नगर निगम आयुक्त, महापौर एवं नगर निगम अध्यक्ष को सकारात्मक पहल और जनभावनाओं के अनुरूप कार्य प्रारंभ कराने हेतु धन्यवाद प्रेषित किया। उक्त जनहित याचिका में पैरवी स्वयं एडवोकेट मौसुफ बिट्टू के साथ अधिवक्ता सौरभ शर्मा, विकास सांटू एवं अजय कुशवाहा द्वारा की जा रही है।