विकास भी, पारदर्शिता भी और जनता का सम्मान भी जनता की आवाज पर तुरंत एक्शन: आयुक्त और महापौर ने रुकवाया नाली निर्माण कार्य नगर निगम की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण, गुणवत्ता और नागरिक अधिकारों से समझौता नहीं
विकास भी, पारदर्शिता भी और जनता का सम्मान भी
जनता की आवाज पर तुरंत एक्शन: आयुक्त और महापौर ने रुकवाया नाली निर्माण कार्य
नगर निगम की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण, गुणवत्ता और नागरिक अधिकारों से समझौता नहीं
कटनी।। नगर पालिक निगम द्वारा नागरिकों की शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए गणेश प्रसाद मसुरहा वार्ड में चल रहे नाली निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया। यह कार्रवाई वार्ड निवासी सुनील कुमार गौतम द्वारा प्रस्तुत आवेदन के आधार पर की गई, जिसमें निर्माण कार्य में अनियमितताओं, गुणवत्ता संबंधी प्रश्नों तथा निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायत में उल्लेख किया गया था कि लगभग 14 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रही नाली में टेंडर की निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है तथा कुछ स्थानों पर निजी भवनों की दीवारें बिना अनुमति तोड़ी जा रही हैं। साथ ही निर्माण कार्य को लेकर आपत्ति दर्ज कराने वाले नागरिकों को डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त महोदया एवं महापौर ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश देते हुए निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई। नगर निगम के इस कदम को क्षेत्रवासियों ने जनहित में लिया गया सराहनीय निर्णय बताया है।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और नागरिकों के अधिकारों के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित एजेंसी एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महापौर एवं आयुक्त की यह कार्यशैली दर्शाती है कि नगर निगम केवल विकास कार्यों के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की शिकायतों के प्रति भी पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहा है। शहर के विकास के साथ-साथ जनविश्वास को मजबूत करना भी नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन के इस त्वरित निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की सजगता से नागरिकों की समस्याओं का समाधान तेजी से संभव हो रहा है तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो रही है।