पीले पंजे ने ढहाया चर्चित नसरवान बाड़ा का अवैध निर्माण, राजनीतिक कोशिशें बेअसर, अवैध निर्माण ध्वस्त 2012 से लंबित था नक्शा, बिना अनुमति बनी दुकानों पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में चला ध्वस्तीकरण अभियान

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पीले पंजे ने ढहाया चर्चित नसरवान बाड़ा का अवैध निर्माण, राजनीतिक कोशिशें बेअसर, अवैध निर्माण ध्वस्त
2012 से लंबित था नक्शा, बिना अनुमति बनी दुकानों पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में चला ध्वस्तीकरण अभियान
शहर के सबसे चर्चित और विवादित अवैध निर्माणों में शामिल नसरवान बाड़ा पर आखिरकार नगर निगम का बुलडोजर चल ही गया। वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर किए गए निर्माण, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल और राजनीतिक संरक्षण की चर्चाओं के बीच बुधवार को प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बिना अनुमति निर्मित दुकानों को ध्वस्त कर दिया।


कटनी। शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बुधवार को अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए गुरुनानक वार्ड क्रमांक-22 स्थित गजानन कॉम्प्लेक्स (टॉकीज) के पास नसरवान बाड़ा में अवैध रूप से निर्मित दुकानों पर बुलडोजर चला दिया। जेसीबी मशीनों की मदद से बिना वैधानिक अनुमति और बिना स्वीकृत नक्शे के बनाए गए निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में पुलिस बल, नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अमला और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे।
नगर निगम के अनुसार संबंधित निर्माणकर्ताओं को पूर्व में विधिवत नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा में निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।


सूत्रों के अनुसार कार्रवाई शुरू होने से पहले और उसके दौरान इसे रुकवाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए। बताया जाता है कि कुछ प्रभावशाली राजनीतिक चेहरे निर्माणकर्ताओं के पक्ष में सक्रिय रहे। नगर निगम अधिकारियों पर लगातार फोन कॉल के माध्यम से कार्रवाई टालने का दबाव भी बनाया गया, लेकिन प्रशासन अपने निर्णय पर अडिग रहा और तय कार्यक्रम के अनुसार बुलडोजर चलता रहा।
क्या है पूरा मामला
नसरवान बाड़ा की करीब 20,400 वर्गफुट भूमि लंबे समय से विवादों में रही है। जानकारी के अनुसार इस भूमि के छोटे-छोटे भूखंड बनाकर लगभग 32 लोगों को बेच दिए गए, जबकि वहां सड़क, पार्किंग, खुला क्षेत्र और अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं थी। वर्ष 2012 से इन भूखंडों का नक्शा नगर निगम में लंबित है, क्योंकि वैधानिक शर्तें पूरी नहीं होने के कारण आज तक निर्माण की अनुमति नहीं मिल सकी। इसके बावजूद कई लोगों द्वारा दुकानों और अन्य निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए, जिन्हें नगर निगम ने अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
पुलिस बल और प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने पहले ही कोतवाली थाना प्रभारी को पत्र भेजकर पर्याप्त महिला एवं पुरुष पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। साथ ही एसडीएम से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी सुनिश्चित कराई गई। मौके पर अतिक्रमण प्रभारी मनेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय उपयंत्री रवि हनोते सहित नगर निगम का पूरा अमला मौजूद रहा। कार्रवाई के लिए जेसीबी मशीनें, ट्रैक्टर-ट्रॉली और श्रमिकों की भी व्यवस्था की गई थी।
इन पक्षकारों को बनाया गया कार्रवाई का हिस्सा
नगर निगम की कार्रवाई जिन प्रमुख पक्षकारों से संबंधित बताई गई, उनमें गोवर्धन संगतानी, राजेश चंदनानी, गुड्डू गुप्ता, नीरज गुप्ता (पान वाले), विजय भाटीजा, श्रीमती ज्योति भाटीजा एवं प्रकाश भाटीजा (बॉम्बे बूट हाउस) के नाम शामिल हैं। सभी को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाने के बाद ही कार्रवाई की गई। नसरवान बाड़ा में हुई यह कार्रवाई शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम के कड़े रुख का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति और नियमों के विपरीत किए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। नगर निगम ने साफ किया है कि भविष्य में भी ऐसे अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि शहर में सुनियोजित विकास और कानून के पालन को सुनिश्चित किया जा सके।

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