सरकारी लॉ कॉलेज की मांग हुई तेज, जनसुनवाई से सांसद तक पहुंची विद्यार्थियों की आवाज विधि छात्र आयुष तोमर ने जनसुनवाई में उठाया मुद्दा, अधिवक्ता यश खरे ने सांसद विष्णुदत्त शर्मा को सौंपा ज्ञापन; कॉलेज खुलने पर हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ, कानून की पढ़ाई के लिए बाहर जाने की मजबूरी हो सकती है खत्म
सरकारी लॉ कॉलेज की मांग हुई तेज, जनसुनवाई से सांसद तक पहुंची विद्यार्थियों की आवाज
विधि छात्र आयुष तोमर ने जनसुनवाई में उठाया मुद्दा, अधिवक्ता यश खरे ने सांसद विष्णुदत्त शर्मा को सौंपा ज्ञापन; कॉलेज खुलने पर हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ, कानून की पढ़ाई के लिए बाहर जाने की मजबूरी हो सकती है खत्म
जिले में सरकारी लॉ कॉलेज की मांग अब एक जनआंदोलन का स्वरूप लेने लगी है। एक ओर युवा विधि छात्र जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन के सामने सवाल खड़े कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवा अधिवक्ता जनप्रतिनिधियों तक इस मांग को मजबूती से पहुंचा रहे हैं। हाल ही में युवा अधिवक्ता यश खरे ने खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा को ज्ञापन सौंपकर कटनी में 3 वर्षीय एलएलबी एवं 5 वर्षीय बी.ए.-एलएलबी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की मांग की है। इससे पहले युवा अधिवक्ता एवं विधि छात्र आयुष तोमर भी जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष सरकारी लॉ कॉलेज खोलने की मांग उठा चुके हैं।
कटनी।। जिले के हजारों विद्यार्थियों के लिए एक लंबे समय से प्रतीक्षित मांग अब जनआंदोलन का स्वरूप लेती दिखाई दे रही है। कटनी में सरकारी लॉ कॉलेज की स्थापना को लेकर छात्रों और युवा अधिवक्ताओं द्वारा शुरू की गई पहल अब प्रशासनिक गलियारों से निकलकर जनप्रतिनिधियों तक पहुंच चुकी है। यदि यह मांग पूरी होती है तो जिले के विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। हाल ही में जनसुनवाई के दौरान युवा विधि छात्र आयुष तोमर ने कलेक्टर आशीष तिवारी को ज्ञापन सौंपकर कटनी में सरकारी लॉ कॉलेज खोले जाने की मांग उठाई थी। उन्होंने सवाल किया कि जिला बनने के वर्षों बाद भी कटनी के विद्यार्थियों को सरकारी स्तर पर कानून की शिक्षा की सुविधा क्यों नहीं मिल सकी। उनका कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक छात्र केवल इस कारण एलएलबी की पढ़ाई नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें दूसरे जिलों में जाना पड़ता है या निजी संस्थानों की महंगी फीस वहन करनी पड़ती है।
इसी मांग को अब और मजबूती तब मिली जब युवा अधिवक्ता यश खरे ने खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी में तीन वर्षीय एलएलबी तथा पांच वर्षीय बीए-एलएलबी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की मांग रखी। उन्होंने सांसद से आग्रह किया कि इस विषय को मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित विश्वविद्यालय के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाकर आवश्यक स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाए।
विशेष बात यह है कि कटनी न्यायिक और प्रशासनिक दृष्टि से तेजी से विकसित हो रहा जिला है। यहां जिला न्यायालय, अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या और विधिक गतिविधियों का व्यापक दायरा मौजूद है। इसके बावजूद सरकारी विधि महाविद्यालय का अभाव लंबे समय से महसूस किया जा रहा है।
जानकारों का मानना है कि यदि शासकीय तिलक महाविद्यालय में लॉ पाठ्यक्रम शुरू किए जाते हैं तो जिले के हजारों विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलेगा। इससे न केवल गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा बल्कि जिले से भविष्य के अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी, विधि विशेषज्ञ और संवैधानिक विषयों के जानकार युवाओं की नई पीढ़ी तैयार होगी।
छात्रों का कहना है कि जब जिले में भवन, शैक्षणिक ढांचा और संसाधनों की उपलब्धता है तो केवल प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। यही कारण है कि अब यह मांग केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि जिले के युवाओं के भविष्य और समान अवसरों के अधिकार से जुड़ा विषय बन गई है।

कटनी में सरकारी लॉ कॉलेज की स्थापना की मांग का जनसुनवाई से लेकर सांसद तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि जिले के युवा अब अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर हैं और ठोस निर्णय चाहते हैं। यदि शासन इस दिशा में सकारात्मक पहल करता है तो यह कटनी की उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हो सकती है।
विद्यार्थियों की एक ही मांग है “कानून की पढ़ाई के लिए अब दूसरे शहर नहीं, अपने जिले में सरकारी लॉ कॉलेज चाहिए।”