मानपुर में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद: सरकारी और नजूल की जमीनों पर धड़ल्ले से अवैध निर्माण, पटवारी से लेकर तहसीलदार तक मौन

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मानपुर । उमरिया जिले के मानपुर मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों सरकारी और नजूल की जमीनों को निगलने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। भू-माफिया शासन की कीमती जमीनों और भू-आवंटन की जमीनों की खुलेआम खरीद-फरोख्त कर उस पर पक्के निर्माण कार्य धड़ल्ले से करा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इस पूरे खेल की सूचना स्थानीय पटवारी और राजस्व अमले को होने के बावजूद भी जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं, जिससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लाखों की नजूल भूमि पर कब्जा, रसूखदारों को खुली छूट

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मानपुर में लाखों रुपये मूल्य की नजूल भूमि और सरकारी पट्टों की जमीनों को नियमों को ताक पर रखकर बेचा जा रहा है। जिन जमीनों को शासन ने जनहित या गरीबों के आवंटन के लिए सुरक्षित रखा था, आज उन पर रसूखदार और भू-माफिया अवैध रूप से कब्जा कर बहुमंजिला इमारतें और दुकानें खड़ी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध निर्माण के पीछे एक सुनियोजित नेक्सस काम कर रहा है, जो चंद रुपयों के लालच में सरकारी संपत्ति की सरेआम धज्जियां उड़ा रहा है।

सूचना के बाद भी पटवारी बेअसर, राजस्व अमला कटघरे में

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू स्थानीय प्रशासन का रवैया है। ग्रामीणों और सजग नागरिकों द्वारा पटवारी को निर्माण कार्य शुरू होते ही लिखित और मौखिक सूचनाएं दी गईं। इसके बावजूद निर्माण कार्य को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ढुलमुल रवैये के कारण अब सीधे तौर पर पटवारी, राजस्व निरीक्षक (RI) और तहसीलदार की भूमिका पर उंगलियां उठने लगी हैं। जनता के बीच यह तीखा आक्रोश है कि क्या इन अधिकारियों के संरक्षण के बिना इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी जमीन पर कब्जा संभव है? सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई न करना, अधिकारियों की संलिप्तता की ओर साफ इशारा करता है।

जनता का सवाल: “जब आम आदमी एक इंच जमीन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटता है, तब राजस्व अमला मुस्तैद हो जाता है। लेकिन जब भू-माफिया लाखों की सरकारी जमीन निगल रहे हैं, तो पटवारी से लेकर तहसीलदार तक की आंखों पर पट्टी क्यों बंधी है?”

उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग

मानपुर में चल रहे इस अवैध खेल से शासन को लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है। स्थानीय सजग नागरिकों ने अब जिला कलेक्टर और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। जनता का कहना है कि मानपुर के पटवारी, आरआई और तहसीलदार के कामकाज की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और वर्तमान में चल रहे तमाम अवैध निर्माणों पर तुरंत पीला पंजा (बुलडोजर) चलाकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाना चाहिए। यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी, तो क्षेत्र की बची-कुची सरकारी जमीनें भी भू-माफियाओं की भेंट चढ़ जाएंगी।

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