5 मिनट की देरी से परीक्षा से वंचित हुए छात्र, भविष्य को लेकर रोए बच्चे इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने किया हस्तक्षेप, लेकिन नहीं मिली राहत
मुकेश द्विवेदी संवाददाता हाल ए हलचल
पेंड्रा। भवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय, पेंड्रा में आयोजित एक प्रतियोगी परीक्षा के दौरान लगभग 20 से 25 विद्यार्थी मात्र पांच मिनट की देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह गए। छात्रों का आरोप है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे उनका एक पूरा साल बर्बाद होने की आशंका पैदा हो गई है।
जानकारी के अनुसार परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को सुबह 9:30 बजे तक केंद्र पहुंचना था। कुछ विद्यार्थी विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों, जिनमें गौरेला क्षेत्र के बेलगाम सहित अन्य गांवों से भी शामिल थे, पांच मिनट विलंब से पहुंचे। छात्रों ने केंद्र प्रभारी एवं उपस्थित शिक्षकों से प्रवेश देने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली।
स्थिति गंभीर होते देख कुछ विद्यार्थियों ने इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी को फोन कर मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही अंसारी तत्काल भवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय पहुंचे और कॉलेज प्रबंधन से चर्चा करने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि कॉलेज परिसर में न तो प्राचार्य मिले और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी। केवल एक महिला पुलिसकर्मी और एक चपरासी गेट पर मौजूद थे।
इदरीस अंसारी ने बताया कि उन्होंने कई बार कॉलेज प्रशासन से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन कोई भी अधिकारी छात्रों की समस्या सुनने सामने नहीं आया। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में उन्होंने व्यापम प्रभारी दिलेराम दाहिरे एवं एसडीएम से भी बात कर विद्यार्थियों के हित में हस्तक्षेप की मांग की।
अंसारी के अनुसार व्यापम प्रभारी ने उन्हें बताया कि परीक्षा संबंधी पूरा संचालन रायपुर स्तर से हो रहा है और स्थानीय स्तर पर कोई निर्णय लेना संभव नहीं है। इसके बाद नगर पालिका पेंड्रा के अध्यक्ष राकेश जलान, समाजसेवी इकबाल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी छात्रों को राहत दिलाने के लिए प्रयास किए, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सका।
काफी देर तक इंतजार और प्रयासों के बाद जब कोई समाधान नहीं निकला तो जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को समझाइश देकर घर लौटने की सलाह दी। परीक्षा से वंचित हुए कई छात्र-छात्राएं निराश और भावुक नजर आए।
मीडिया से चर्चा करते हुए इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने कहा कि मात्र पांच मिनट की देरी के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करना भी उचित नहीं समझा। अंसारी ने इस पूरे घटनाक्रम को संवेदनहीनता बताते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के हित में हर संभव प्रयास किया, लेकिन व्यवस्था से कोई सहयोग नहीं मिला।
अब विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की मांग है कि मामले की जांच कर ऐसे अभ्यर्थियों के लिए उचित समाधान निकाला जाए, ताकि उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।