गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: 25 हजार वोल्ट की लाइनों के नीचे बिना सेफ्टी गियर काम कर रहे मजदूर, ठेकेदार का बेतुका तर्क- “ऊपर बेल्ट बांधने की जगह नहीं”
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गोरखपुर रेलवे फाटक पर रेलवे के बुनियादी ढांचे के रखरखाव में एक बड़ी और जानलेवा लापरवाही सामने आई है। यहां 25,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली लाइन के ठीक नीचे मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अपनी जान जोखिम में डालकर पोताई (रंग-रोगन) का काम कर रहे हैं। इस मामले में ठेकेदार का गैर-जिम्मेदाराना बयान रेलवे के सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मौत के साए में मेंटेनेंस का काम
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर लगे मुख्य लोहे के स्ट्रक्चर (हाइट गेज/गर्डर) को सफेद रंग से रंगा जा रहा है। कार्यस्थल के वीडियो फुटेज से साफ पता चलता है कि मजदूर काफी ऊंचाई पर लोहे के बीम के ऊपर बैठकर और खड़े होकर काम कर रहे हैं। जिस बीम पर मजदूर काम कर रहे हैं, उसी पर स्पष्ट रूप से “खतरा DANGER 25000 VOLTS” का बोर्ड लगा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि ठीक ऊपर से रेलवे की हाई-टेंशन बिजली की लाइनें गुजर रही हैं।
सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी
इस पूरी प्रक्रिया में कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों (Safety Norms) का पूरी तरह से अभाव दिखा:
सुरक्षा उपकरणों (Safety Gear) का अभाव: इतनी ऊंचाई और 25,000 वोल्ट की खतरनाक बिजली लाइनों के बिल्कुल करीब काम करने के बावजूद, किसी भी मजदूर ने हेलमेट, रिफ्लेक्टिव जैकेट या सेफ्टी हार्नेस (सुरक्षा बेल्ट) नहीं पहना हुआ है।
जानलेवा खतरे की आशंका: काम के दौरान एक छोटी सी चूक या संतुलन बिगड़ने से यहां कोई भी बड़ी जनहानि या दर्दनाक हादसा हो सकता है।
ठेकेदार का हैरान करने वाला जवाब
जब इस जानलेवा लापरवाही और मजदूरों को सुरक्षा उपकरण मुहैया न कराने के संबंध में ठेकेदार से सवाल किया गया, तो उसका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। ठेकेदार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि, “उतनी ऊपर उपकरण (सेफ्टी बेल्ट) बांधने की कोई व्यवस्था नहीं है, तो कैसे उपकरण दें उनको?” यह बयान स्पष्ट करता है कि ठेकेदार के लिए मजदूरों की जान से ज्यादा काम निपटाना अहम है।
प्रशासनिक जवाबदेही और लोगों में आक्रोश
इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सामने आए वीडियो के बैकग्राउंड में एक व्यक्ति को स्पष्ट रूप से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, “डीआरएम (DRM) से जवाब लेंगे अपन।” यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि ठेकेदार की इस मनमानी और स्थानीय स्तर पर रेलवे की शून्य निगरानी को लेकर लोगों में असंतोष पनप रहा है।
आगे की कार्रवाई की दरकार:
गोरखपुर रेलवे फाटक पर चल रहा यह कार्य रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक हो सकता है, लेकिन इसे अंजाम देने वाले मजदूरों की जान को जिस तरह जोखिम में डाला जा रहा है, वह पूरी तरह से अनुचित है। बिलासपुर जोन के DRM और संबंधित रेलवे अधिकारियों को इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता है। बिना उचित सुरक्षा उपकरणों के चल रहे ऐसे जोखिम भरे काम को तुरंत रोका जाना चाहिए और मजदूरों की जान से खिलवाड़ करने वाले ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।