अपोलो अस्पताल पर गंभीर आरोप: कैशलेस इलाज का झांसा देकर मरीज से लाखों की मांग, आधी रात को ड्रिप निकाल कर अस्पताल से निकाला
गौरेला पेंड्रा मरवाही
बिलासपुर के प्रतिष्ठित अपोलो अस्पताल प्रबंधन पर एक गरीब मरीज को कैशलेस इलाज का प्रलोभन देकर भर्ती करने और बाद में लाखों रुपये नकद ऐंठने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। मरीज का आरोप है कि पैसे न दे पाने की स्थिति में अस्पताल प्रबंधन ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और बिना डिस्चार्ज पेपर दिए जबरन अस्पताल से बाहर निकाल दिया। इस संबंध में मरीज ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
आर्थिक तंगी के बावजूद किया गया भर्ती: पेंड्रारोड (जिला जी.पी.एम.) निवासी मुराद मोहम्मद पिता रजा मोहम्मद अपनी खराब तबीयत के चलते अपोलो अस्पताल की ओ.पी.डी. में परामर्श के लिए गए थे। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उन्होंने भर्ती होने में असमर्थता जताई थी।
कैशलेस का दिया गया भरोसा: अस्पताल प्रबंधन ने मरीज से हेल्थ इंश्योरेंस की जानकारी ली और पूरी तरह से कैशलेस इलाज होने का आश्वासन देकर उन्हें दिनांक 22.07.2026 को भर्ती कर लिया।
अचानक लाखों रुपये की मांग: शिकायत के अनुसार, शुरुआत में 10,000 रुपये डिपॉजिट मांगे गए जो मरीज नहीं दे सका, फिर भी उसे पूर्ण कैशलेस इलाज का भरोसा देकर वार्ड में भेज दिया गया। लेकिन दिनांक 25.07.2026 को अचानक अस्पताल प्रबंधन ने 1.5 से 2 लाख रुपये जमा करने की बात कही और अंततः 1,84,413 रुपये नकद जमा करने का भारी दबाव बनाने लगे।
मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार और धमकियां
दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर का दबाव: नकद राशि जमा न कर पाने पर मरीज को धमकी दी गई कि उसे कोई रिपोर्ट, डिस्चार्ज पेपर, बिल या पावती नहीं दी जाएगी और न ही अस्पताल से जाने दिया जाएगा। मरीज ने आरोप लगाया है कि 7-8 घंटे तक मिन्नतें करने के बावजूद उससे अनैतिक रूप से कुछ दस्तावेजों पर साइन करने को कहा गया और जेल भेजने की धमकी दी गई।
हाथ से खींची ड्रिप: धोखाधड़ी का विरोध करने पर दिनांक 26 तारीख की रात लगभग 8-9 बजे मरीज के हाथ में लगी नेबुल ड्रिप को निकाल दिया गया और उसे अस्पताल से बाहर जाने को कह दिया गया।
फाइल और दवाइयां भी रोकीं: मरीज को चेतावनी दी गई कि उसका कोई क्लेम पास नहीं होने दिया जाएगा और उसकी मेडिकल फाइल तथा दवाइयां भी उसे नहीं सौंपी गईं।
प्रशासन से की गई शिकायत
मरीज मुराद मोहम्मद ने इस अमानवीय कृत्य और धोखाधड़ी के खिलाफ दिनांक 28.07.2026 को थाना प्रभारी सरकंडा के नाम लिखित शिकायत तैयार की है। इसके साथ ही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) बिलासपुर को भी यह शिकायत सौंपी गई है, जिस पर 28 जुलाई 2026 की आधिकारिक प्राप्ति (सील्ड-हस्ताक्षरित) मुहर दर्ज है।
पीड़ित ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़), कलेक्टर बिलासपुर और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को भी सूचनार्थ एवं उचित कार्यवाही हेतु प्रेषित की है, ताकि भविष्य में कोई अन्य गरीब मरीज अपोलो अस्पताल के इस कथित धोखे का शिकार न हो। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं, यह देखना बाकी है।