भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: पीएम आवास योजना में कमीशनखोरी पर हाल-ए-हलचल न्यूज़ की विशेष मुहिम
प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और बेसहारा परिवारों को पक्की छत देने के लिए शासन की पूर्णतः निःशुल्क कल्याणकारी योजना है।
इस योजना में किसी भी स्तर पर स्वीकृति, जिओ-टैगिंग या किस्त जारी करने के नाम पर एक भी रुपया लेना गैर-कानूनी है। बावजूद इसके, धरातल पर कई क्षेत्रों से हितग्राहियों से अवैध वसूली और कमीशनखोरी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
‘हाल-ए-हलचल न्यूज़’ इस जनविरोधी भ्रष्टाचार के खिलाफ खुला अभियान चला रहा है। ऐसे भ्रष्ट आचरण पर भारतीय कानून में सख्त सजा और जेल के सीधे प्रावधान हैं।
रिश्वत मांगने वालों पर कानून का शिकंजा: प्रमुख धाराएं एवं सजा
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (धारा 7): कोई भी लोक सेवक (सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक, समन्वयक या अधिकारी) आधिकारिक कार्य के एवज में अवैध लाभ मांगता या लेता है, तो उसे 3 से 7 वर्ष तक के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा होगी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (धारा 7A): यदि कोई दलाल, बिचौलिया या जनप्रतिनिधि अधिकारी के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसे भी समान रूप से 3 से 7 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है।
आपराधिक कदाचार (धारा 13): पद के दुरुपयोग और लगातार कमीशनखोरी साबित होने पर 4 से 10 वर्ष तक का कारावास तय है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 308 (जबरन वसूली): “पैसा नहीं दोगे तो किस्त रुक जाएगी या नाम काट दिया जाएगा” जैसी धमकी देकर पैसे ऐंठने पर कानूनी मुकदमा दर्ज होगा।
धारा 316 (आपराधिक विश्वासघात): शासकीय पद पर रहते हुए जनता से गबन करने पर आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है।
विभागीय कार्यवाही: मामला उजागर होते ही नियमित कर्मचारियों का तत्काल निलंबन और संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्ति/बर्खास्तगी तय की जाती है।
आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रहेगी — हमें भेजें नाम और साक्ष्य
यदि आपसे या आपके क्षेत्र के किसी भी पात्र हितग्राही से पीएम आवास का पैसा जारी कराने के एवज में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, सचिव, रोजगार सहायक या बिचौलिये ने रिश्वत मांगी है, तो बिना डरे आगे आएं।
भेजने हेतु आवश्यक विवरण:
भ्रष्ट अधिकारी/कर्मचारी/बिचौलिये का नाम एवं पद
ग्राम पंचायत, ब्लॉक/तहसील एवं जिले का नाम
मांगी गई राशि या वसूली का ब्योरा
उपलब्ध साक्ष्य (ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो, चैट या गवाह)
पूर्ण गोपनीयता का संकल्प: सूचना देने वाले का नाम, मोबाइल नंबर और पहचान शत-प्रतिशत गोपनीय रखी जाएगी। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर खबर को प्रमुखता से प्रसारित कर सीधे जिला प्रशासन और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) तक पहुंचाया जाएगा।
संपर्क सूत्र:
व्हाट्सएप/हेल्पलाइन: 8839598985, 9340649721
ईमेल: jantakiawazgpm@gmail.com