बारिश में 17 घंटे से डूबे गोरखपुर, कोरजा और कनहरी: 8-8 घंटे मेंटेनेंस के नाम पर 16 घंटे का छल, पहली ही झड़ी में बिजली विभाग के दावों की उड़ी धज्जियां; l
सद्दाम अंसारी
गौरेला:
विद्युत वितरण विभाग की नकारा कार्यप्रणाली और खोखले दावों की मार अब गौरेला क्षेत्र के कई गांवों पर एक साथ पड़ रही है।
जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अंतर्गत आने वाले ग्राम गोरखपुर, कोरजा और कनहरी बीती रात से बारिश और घोर अंधेरे के दोहरे संकट से जूझ रहे हैं। रात भर से जारी झमाझम बारिश के बीच इन तीनों गांवों में पिछले 15 से 16 घंटों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। आलम यह है कि सुबह से बिजली केवल 5 से 10 सेकंड के लिए आती है और तत्काल ट्रिप हो जाती है—मानो बिजली विभाग जनता के सब्र का इम्तिहान ले रहा हो।
मेंटेनेंस के नाम पर 8-8 घंटे का शटडाउन, जमीन पर नतीजा सिफर
गोरखपुर, कोरजा और कनहरी के ग्रामीणों में विभाग की इस घोर लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश भड़क उठा है। ग्रामीणों का सीधा और तीखा सवाल है कि बीते दिनों मेंटेनेंस के नाम पर दो-दो बार 8-8 घंटे (कुल 16 घंटे) तक तीनों गांवों की बिजली काटकर जनता को बेहाल किया गया था, तो उस 16 घंटे के दौरान आखिर कौन सा काम हुआ? क्या झाड़ियों की छंटाई, इंसुलेटर बदलने और तारों की मरम्मत का काम केवल कागजों में निपटाकर मेंटेनेंस का बजट डकार लिया गया? यदि मेंटेनेंस वास्तविक था, तो सामान्य बारिश की एक रात भी यह सिस्टम क्यों नहीं झेल सका?
AE का गैर-जिम्मेदाराना जवाब: ‘फॉल्ट पकड़ में नहीं आ रहा, मिलेगा तब आएगी बिजली’
रात भर अंधेरे में कटने और 15 घंटे बीतने के बाद जब बिजली विभाग के सहायक अभियंता (AE) से संपर्क साधा गया, तो विभाग की लाचारी और गैर-जिम्मेदारी खुलकर सामने आ गई। जिम्मेदार अधिकारी का दो टूक और बेतुका जवाब था—”फॉल्ट पकड़ में नहीं आ रहा है, जब फॉल्ट मिलेगा तब बिजली आएगी।”
संसाधनों और तकनीकी अमले से लैस विभाग के आला अफसर का यह कहना कि फॉल्ट नहीं मिल रहा, उनकी तकनीकी अक्षमता की पोल खोलता है। गोरखपुर, कोरजा और कनहरी जैसे बड़े ग्रामीण इलाके को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के 15 घंटे तक अंधेरे में छोड़ देना विभाग की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
बार-बार ट्रिपिंग से उपकरण जलने की कगार पर, जनजीवन बेहाल
लगातार जारी बारिश और 15 घंटे से ठप बिजली ने तीनों गांवों में जनजीवन पूरी तरह ठप कर दिया है। घरों की पानी की मोटरें बंद हैं, इनवर्टर जवाब दे चुके हैं और लोग पीने के पानी तक के लिए तरस रहे हैं। रही-सही कसर सुबह से जारी 5-5 सेकंड की खतरनाक आंख-मिचौली पूरी कर रही है, जिससे टीवी, फ्रिज, पंखे और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फुंकने की कगार पर पहुंच गए हैं।
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि गोरखपुर, कोरजा और कनहरी में तत्काल बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं की गई और मेंटेनेंस के नाम पर खानापूर्ति करने वाले जिम्मेदारों पर जांच कर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर विभाग का घेराव और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।