कार्यपालनयंत्री की मुट्ठी में विद्युत विभाग के कायदे, खुद के साथ अधिनस्थो को मलाई बांट रहे गेडाम

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Ajay Namdev-7610528622
मामला म.प्र.वि.वि.क.लि. कार्यालय अनूपपुर का
प्रमाणित शिकायत के बाद भी अधीक्षण यंत्री ने मामला ठंडे बस्ते में डाला

मुख्यालय स्थित म.प्र.वि.वि.क.लि. संभाग अनूपपुर में पदस्थ कार्यपालन यंत्री अंगद की तरह यहां 6 वर्षो से जमे बैठे है। मंत्री को दी गई शिकायत और आदर्श आचार संहिता पर भारी पड रहे प्रमोद गेडाम ने खुद तो भर्रेशाही मचाई हुई है साथ ही सरकारी धन की होली में कार्यालय के मीटर रीडर से लेकर ऑपरेटर और अन्य कर्मियों को शामिल किया हुआ है। बहरहाल शिकायत के बाद अधीक्षण यंत्री ने जांच के आदेश दे दिये है।

अनूपपुर। बीते 6 वर्षो से संवेदनशील पद पर कार्यपालन यंत्री प्रमोद गेडाम का बने रहना इन दिनों चर्चाओं में है। कभी भाजपा नेताओं की देहरी पर माथा टेकने वाले कथित कार्यपालन यंत्री ने अब सरकार बदलते ही कांग्रेस के नेताओं की जी हुजूरी शुरू कर दी है। नियतमत: विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री जैसे संवेदनशील पद पर तीन वर्ष से अधिक समय तक लगातार नही रहा जा सकता, लेकिन मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग अनूपपुर के कायदों को मुट्ठी में लेकर चलने वाले कार्यपालन यंत्री विभाग से छानने वाली मलाई को आलाधिकारियों की सेवा में डालकर यहां डटे हुए है। हालंाकि इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग को भी की गई है वहीं मुख्य अभियंता रीवा को भेजी गई शिकायत व मंत्री को दी गई शिकायत के बाद बीती 9 मार्च को ऊर्जा विभाग के मंत्री प्रियव्रत सिंह द्वारा विभाग पत्र क्रमांक-323 के माध्यम से अधीक्षण यंत्री अनूपपुर को उक्त जांच कर कार्यवाही के आदेश दिये गये है।
यह है मामला
कार्यपालन यंत्री मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्रीय विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड संभाग अनूपपुर ओ एण्ड एम में विगत 6 वर्षो से पदस्थ हैं, उनके कार्यकाल में कार्यो में भारी अनियमितता समय-समय पर देखने को मिलती हैं, इसी एक बानगी यह कि इनके कार्यकाल में कंपनी के नियमों को दरकिनार कर कार्य किया जा रहा है इसका एक उदाहरण कंपनी के कार्यों के उपयोग में ली जाने वाली अनुबंधित वाहनों का मामला है, इसके अलावा मनमानी और भ्रष्टाचार के दर्जनों मामलों की जानकारी विभाग के अधीक्षण यंत्री तक को, लेकिन आर्थिक लाभ के फेर में वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यपालन यंत्री की मनमानी पर पर्दा डाले हुए है।
अधीनस्थो को बना दिया ठेकेदार
शिकायत में यह उल्लेख किया गया है कि कार्यपालन यंत्री खुद तो विभाग के कायदो की धज्जिया उडा ही रहे है साथ ही उन्होने अधीनस्थो के साथ साझेदारी कर कई धंधे शुरू किये है, खबर है कि वाहन क्रमांक एमपी 65 टी 0996 एवं एमपी 65 जीए 1762 जो दिलीप कुशवाहा के नाम पर अनूपपुर आरटीओ में पंजीकृत है जो कि स्वयं मप्रपूक्षेविवि कंपनी अनूपपुर में मीटर रीडर के पद पर पदस्थ है एवं कंपनी के संभागीय कार्यालय अनूपपुर में पदस्थ एसएसी श्री वर्मा के दामाद भी हैं। इसके अलावा एक वाहन मनोज राठौर जो कि स्वयं अनूपपुर ओ एण्ड एम मप्र.पू.क्षे.वि.वि.क.लि. संभाग अनूपपुर में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त हैं एवं परचेज एवं कार्यपालन अभियंता के ईआरपी जैसे महत्वपूर्ण कार्य देखते हैं जिसके स्वयं के नाम से जैतहरी मीटर रीडर, कम्प्यूटर ऑपरेटर, वाहन के अलावा ठेकेदारी का भी काम कार्यपालन अभियंता के संरक्षण में इनके द्वारा कार्य किया जाता है।
कायदो की नही परवाह
6 वर्षो से अनूपपुर में अंगद की तरह जमे बैठे कथित अधिकारी को कंपनी की कायदो की न तो परवाह है और न ही विभाग को होने वाले आर्थिक क्षति की कंपनी के नियमानुसार किसी कार्य में या अनुबंध कंपनी में कार्यरत कर्मचारी या अधिकारी के कोई रिश्तेदार टेंडर कार्य नहीं कर सकता है तथा साथ ही अनुबंध के समय नो रिलेशन भी देना होता है किन्तु उक्त अनुबंध में दोनों ही बातों को दरकिनार किया गया है एवं कार्यपालन यंत्री, एसएसी श्री वर्मा पद में रहते हुये अपने सगे संबंधियों को लाभ दे रहे हैं।
प्रेषित की गलत जानकारी
सभी वाहन मासिक किराये के आधार पर लगाई गई है जो बिना संचालित किये हुये पूरे बिल का भुगतान कराया जाता है जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कार्यपालन अभियंता प्रमोद गेडाम एवं एसएसी श्री वर्मा एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर मनोज राठौर नियमों को ताक में रखकर संभागीय कार्यालय संचालित कर रहे हैं। इसके पूर्व में भी सीएमडी कार्यालय को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी गई थी, परंतु सीएमडी कार्यालय को श्री गेडाम द्वारा गुमराह करते हुये गलत जानकारी प्रेषित की गई कि एसएसी श्री वर्मा और दिलीप कुशवाहा के बीच कोई संबंध नहीं है और शिकायत को बंद करा दिया गया। एस के मिश्रा द्वारा मुख्य अभियंता मप्रपूक्षेविविकलि रीवा मध्यप्रदेश को लिखे शिकायत पत्र में उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर कार्यवाही करने की मांग की गई है।

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