किसानों की फसलों को “यलो मोजेक” से बचाने के लिए तत्परता से कार्रवाई करें

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राकेश सिंह
अनूपपुर । मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के कई स्थानों से सोयाबीन की फसल में “यलो मोजेक” कीट लगने की सूचना आई है। यह बहुत गंभीर बात है। कृषि विभाग इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करते हुए फसलों की इससे सुरक्षा के हरसंभव उपाय करें, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान न हो। सभी कलेक्टर्स अपने जिलों में इसकी रोकथाम के उपाय सुनिश्चित कराएं। कार्य में थोड़ी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोयाबीन कृषकों के लिये कृषि वैज्ञानिकों की सलाह।
सोयाबीन उत्पादन करने वाले कृषकों को सलाह दी गई है कि पीला मोजाइक पर नियंत्रण के लिये प्रारंभिक अवस्था में ही अपने खेत में जगह-जगह पर पीला चिपचिपा ट्रैप लगाएं जिससे इसका संक्रमण फैलाने वाली सफेद मक्खी का नियंत्रण होने में सहायता मिले। इसके रोकथाम के लिए फसल पर पीला मोजाइक रोग के लक्षण देखते ही ग्रसित पौधों को अपने खेत से निष्कासित करें। ऐसे खेत में सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए अनुशंसित पूर्व मिश्रित सम्पर्क रसायन जैसे बीटासायफ्लुथ्रिन $ इमिडाइक्लोप्रिड (350 मिली/हेक्टेयर) या पूर्व मिश्रित थायोमिथाक्सम $ लैम्बडा सायहेलोथ्रिन (125 मिली/हेक्टेयर) का छिड़काव करें जिससे सफेद मक्खी के साथ-साथ पत्ती खाने वाले कीटों का भी एक साथ नियंत्रण हो सकें।
कुछ क्षेत्रों में लगातार हो रही रिमझिम वर्षा की स्थिति में पत्ती खाने वाली इल्लियों द्वारा पत्तियों के साथ-साथ फलियों को भी नुकसान पहुँचा रही है जिससे अफलन जैसी समस्या होने की संभावना है। पत्तियाँ खाने वाली इल्लियों के नियंत्रण के लिये संपर्क कीटनाशक जैसे इन्डोक्साकार्ब 333 मिली/हेक्टेयर या लैम्बडा सायहेलोथ्रिन 4.9 सीएस 300 मिली/हेक्टेयर का छिड़काव करें। कीटनाशक को प्रभावी ढंग से इल्लियों तक पहुँचाने के लिए नैपसेक स्प्रेयर से 500 लीटर या पॉवर स्प्रेयर से 120 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर का उपयोग अवश्य करें। यदि पत्ती खाने वाली इल्लियों के साथ-साथ सफेद मक्खी का प्रकोप हो, कृषकों को सलाह हे कि नियंत्रण के लिये बीटासायफ्लुथ्रिन$ इमिडाक्लोप्रिड 350 मिली/हेक्टेयर, या थायमिथोक्सम $ लेम्बडा सायहेलोथ्रिन 125 मिली/हेक्टेयर का छिड़काव करें।
सोयाबीन की फसल में नुकसान करने वाले अन्य कीटों से बचाव के लिये कृषकों को सलाह है कि अपने खेते में फसल निरीक्षण के उपरांत पाए गए कीट विशेष के नियंत्रण के लिए अनुशंसित कीटनाशक की मात्रा को 500 लीटर/हेक्टेयर, की दर से पानी के साथ फसल पर छिड़काव करें। छिड़काव के लिये पावर स्प्रेयर का उपयोग किये जाने पर 120 लीटर/हेक्टेयर पानी की आवश्यकता होगी एवं छिड़काव भी प्रभावकारी होगा।
कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल में फफूंदजनित एन्थ्रेकनोज तथा राइजोक्टोनिया एरियल ब्लाईट नामक बीमारी का प्रकोप होने की सूचना प्राप्त हुई है। अत: इनके नियंत्रण के लिये सलाह है कि टेबूकोनाझोल (625 मिली/हेक्टैयर) अथवा टेबूकोनाझोल+सल्फर (1 किग्रा/हेक्टेयर) अथवा पायरोक्लोर्स्टोबीन 20 डब्ल्यूजी (500 ग्राम/हेक्टैयर) अथवा हेक्जाकोनाझोल 5 प्रतिशत ईसी (800 मिली/हेक्टेयर) से छिड़काव करें।

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