निजीकरण नही लिया वापस तो होगा ब्लैक आउट

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राज्य और केन्द्र सरकार को जनता यूनियन की चेतवानी
बिडिंग डाक्यूमेंट वापस लिये जाने का किया पुरजोर विरोध
केन्द्र सरकार के स्टैण्डर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट का जिले मे भारी विरोध
जनता यूनियन ने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंप भरी हुंकार
विरोध आंदोलन मे एकत्रित होंगे विद्युत विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी

 केन्द्र सरकार द्वारा लागू किया जा रहा स्टैण्डर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट के विरोध मे मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कर्मचारी जनता यूनियन के बैनर तले विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने 5 अक्टूबर को केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के नाम विभाग के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर केन्द्र व राज्य सरकार से बिडिंग डाक्यूमेंट वापस लिये जाने की मांग की। सभी ने एक स्वर मे हुंकार भरते हुये बिडिंग डाक्यूमेंट वापस लिये जाने का पुरजोर विरोध किया।

अनूपपुर। विद्युत विभाग को केन्द्र सरकार द्वारा निजी हाथो मे सौंपने का पूरे देश समेत प्रदेश भर भारी विरोध हो रहा है, इस विरोध का जिले मे भी व्यापक असर देखा जा रहा है, 3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कर्मचारी जनता यूनियन ने बैठक आहुत कर अधीक्षण अभियंता के माध्यम से केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री के नाम अनूपपुर अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर निजीकरण को वापस लिये जाने की मांग का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत 5 अक्टूबर को अनूपपुर मे ज्ञापन सौंपा गया जहां सैकडो अधिकारी कर्मचारी एकत्रित हुये।
तत्काल वापस लिये जाने की मांग
ज्ञापन सौंपने के दौरान सभी अधिकारी कर्मचारियों ने उक्त बिल का एक स्वर मे घोर विरोध किया तथा स्टैण्डर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट को तत्काल वापस लिये जाने की मांग की। विभाग के अनूपपुर उपसंभाग के सहायक अभियंता जितेन्द्र गुप्ता, कोतमा सब डिवीजन के सहायक अभियंता सुशील यादव, राजेन्द्रग्राम एई चंद्रा साहब, महेश उइके तथा शहडोल जिले के बुढार सब डिवीजन के सहायक अभियंता दिनेश तिवारी ने उक्त बिल का कडा विरोध जताते हुये केन्द्र सरकार से निजीकरण के निर्णय को वापस लेने की मांग की वही जनता यूनियन के अनूपपुर शाखाध्यक्ष संतोष रैकवार ने बिडिंग डाक्यूमेंट वापस नही लिये जाने की स्थिति मे ब्लैक आउट, काम बंद जैसी कठिन निर्णय लेते हुये सरकार को चेतावनी दी।
कर्मचारी और उपभोक्ता होंगे प्रभावित


विद्युत के निजीकरण के केन्द्र सरकार के निर्णय को हिटलरशाही बताते हुये जनता यूनियन के प्रांतीय सचिव जेपीएन शर्मा ने कहा कि यह बिडिंग डाक्यूमेंट जन विरोधी है तथा इसका सबसे बुरा असर किसान और गरीब उपभोक्ताओं पर पडेगा। निजी कंपनियां सिर्फ मुनाफे के लिए काम करेंगी। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं की भुगतान क्षमता नहीं होगी, उन्हें सेवाएं भी नहीं मिल सकेंगी। इससे कर्मचारी तो प्रभावित होंगे ही, उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली महंगी हो जाएगी।
ठप्प हो जायेंगे कार्य
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कर्मचारी जनता यूनियन ने केन्द्र व राज्य सरकार को चेतावनी देते हुये कहा कि यदि निजीकरण की मांग पर केन्द्र सरकार ने कदम पीछे नही किया तो आने वाले दिनों मे उक्त बिल मे विरोध मे विभागीय अधिकारी कर्मचारी आंदोलन धरना प्रदर्शन तक करेंगे साथ ही आम जनता को भी उक्त बिल के नुकसान के बारे मे जागरूक करेंगे तथा विरोध आंदोलन को जनता के बीच भी ले जाया जाएगा। यूनियन ने कहा कि सरकार को स्टैण्डर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट वापस लिये जाने के लिए अधिकारी कर्मचारी ब्लैक आउट, काम बंद जैसे निर्णय भी ले सकते हैं।
यूनियर का विरोध रहेगा जारी
अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपने के दौरान शाखा अध्यक्ष संतोष रैकवार ने सरकार को चेतवानी देते हुए कहा कि हम रूकेंगे नही, जब तक सरकार अपने निर्णय वापस नही लेगी हमारा विरोध जारी रहेगा। अधिकारी कर्मचारियों ने कहा कि यदि उक्त ज्ञापन के बाद भी सरकार निजीकरण के निर्णय से पीछे नही हटती है तो आने वाले दिनों मे निजीकरण के खिलाफ वृहद स्तर पर आंदोलन व धरना प्रदर्शन किया जायेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान अनूपपुर वितरण केन्द्र के कनिष्ठ अभियंता अरविंद पहाडे, एई राजेन्द्रग्राम चंद्रा साहब, एई कोतमा सुशील यादव, एई बुढार दिनेश तिवारी, राजेन्द्रग्राम मिन्टू कुमार, अमरकंटक विवेक चैहान, बिजुरी प्रिंस कुमार वैश्य, चचाई यूके गुप्ता, कोतमा विजय कुमार धुर्वे, जैतहरी अनुराधा प्रकाश, कनिष्ठ अभियंता प्रवर्तन कीर्ति धुर्वे समेत जिले के सभी सातो वितरण केन्द्र के लिपिक, लाइन कर्मचारी, संविदाकर्मी तथा आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे।

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