बुढार थाना क्षेत्र में युवती से मारपीट, धमकी और रास्ता रोकने का मामला दर्ज, आरोपी पर पहले से अवैध निर्माण को लेकर उठते रहे हैं सवाल

0
शहडोल। जिले के बुढार थाना अंतर्गत एक युवती के साथ मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और रास्ता रोकने के मामले में पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला 6 जनवरी 2026 को सामने आया, जिसमें पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
थाना बुढार में दर्ज एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता युवती  ने पुलिस को बताया कि 6 जनवरी की दोपहर करीब 11:30  बजे के बीच आरोपी युवक ने उसे रास्ते में रोककर गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार आरोपी ने भय का माहौल बनाते हुए उसे आगे से इस रास्ते पर आने से मना किया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में आरोपी शुभम साहू और सुंदर साहू, निवासी वार्ड क्रमांक 05, पुरानी बस्ती, बुढार, जिला शहडोल के खिलाफ BNS 2023 की धारा 296(ए), 115(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी वर्तमान में बुढार क्षेत्र में ही रहकर स्थानीय गतिविधियों में संलिप्त बताया जा रहा है।
शिकायतकर्ता ने अपने बयान में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी का व्यवहार पूर्व से ही दबंग किस्म का रहा है और वह आए दिन लोगों को डराने-धमकाने का काम करता है। घटना के बाद पीड़िता ने तत्काल थाना पहुंचकर मौखिक सूचना दी, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
एनएच-43 प्रक्रिया चौराहे पर अवैध निर्माण से जुड़ा है आरोपी का नाम
इस मामले को लेकर एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि इसी आरोपी के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 के प्रक्रिया चौराहे पर  अवैध निर्माण कराया जा रहा है। यह चौराहा पहले से ही ब्लैक पॉइंट के रूप में जाना जाता है, जहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस स्थान पर अवैध निर्माण के कारण सड़क की दृश्यता प्रभावित हो रही है, यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य पर कोई ठोस अंकुश नहीं लग पाया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभाव और दबाव के चलते न तो निर्माण रोका गया और न ही कोई सख्त कार्रवाई हुई, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। अब जबकि आरोपी का नाम एक आपराधिक मामले में सामने आया है, तो यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अवैध निर्माण और दबंगई को अब भी संरक्षण मिलता रहेगा।
फिलहाल पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि मारपीट के मामले के साथ-साथ आरोपी की अन्य गतिविधियों की भी पड़ताल की जाए। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब क्षेत्रवासियों की नजर टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed