पांच वर्षीय संकल्प के द्वितीय चरण में उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबू मदनलाल ग्रोवर की अगुवाई में नीलकंठेश्वर धाम पहुंची कांवड़ यात्रा संकल्प से साधना तक शिवभक्ति का विराट संगम बना सलैया पंडखुरी कन्हवारा-डीठवारा होते हुए नीलकंठेश्वर धाम में हुआ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक

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पांच वर्षीय संकल्प के द्वितीय चरण में उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबू मदनलाल ग्रोवर की अगुवाई में नीलकंठेश्वर धाम पहुंची कांवड़ यात्रा
संकल्प से साधना तक शिवभक्ति का विराट संगम बना सलैया पंडखुरी
कन्हवारा-डीठवारा होते हुए नीलकंठेश्वर धाम में हुआ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक


कटनी। श्रावण मास के पावन अवसर पर रविवार को कटनी की धरती शिवभक्ति से सराबोर नजर आई। चारों ओर हर-हर महादेव के जयघोष, हाथों में कांवड़, मुख पर भोलेनाथ का नाम और हृदय में अटूट आस्था….ऐसा विहंगम दृश्य देखने को मिला, जब बाबू मदनलाल ग्रोवर की अगुवाई में नीलकंठेश्वर धाम सलैया पंडखुरी के तत्वावधान में विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने कांवड़ लेकर इस धार्मिक यात्रा में सहभागिता की और पवित्र जल लेकर नीलकंठेश्वर धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया।
इस अवसर पर पूरा यात्रा मार्ग हर-हर महादेव, बोल बम और शिवभक्ति के जयघोषों से गूंजता रहा। धार्मिक भजनों और शिव आराधना ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था ने इस आयोजन को एक भव्य धार्मिक उत्सव का स्वरूप प्रदान कर दिया।
सिर्फ यात्रा नहीं, पांच वर्षों के संकल्प की दूसरी कड़ी
इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि यह महज एक कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि पांच वर्षीय धार्मिक संकल्प का द्वितीय चरण था।


कार्यक्रम के प्रमुख सूत्रधार बाबू मदनलाल ग्रोवर ने बताया कि वर्ष 2025 में पुरैनी बागेश्वर धाम से नीलकंठेश्वर धाम तक पवित्र जल पहुंचाने का संकल्प लिया गया था। संकल्प लिया गया था कि लगातार पांच वर्षों तक श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के माध्यम से पवित्र जल नीलकंठेश्वर धाम पहुंचाकर भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष यात्रा का दूसरा चरण आयोजित किया गया।
बाबू मदनलाल ग्रोवर ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना, आस्था और समर्पण का पर्व है। कांवड़ यात्रा इसी श्रद्धा को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उनका उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में भी यह धार्मिक परंपरा निरंतर आगे बढ़े और अधिक से अधिक शिवभक्त इसमें सहभागी बनें।
पुरैनी बागेश्वर धाम से शुरू हुआ आस्था का कारवां
विशाल कांवड़ यात्रा का शुभारंभ पन्ना मोड़ सब्जी मंडी स्थित पुरैनी बागेश्वर धाम से हुआ। यहां से शिवभक्त पवित्र जल लेकर कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। यात्रा आगे बढ़ते हुए कन्हवारा, डीठवारा सहित विभिन्न मार्गों से होकर नीलकंठेश्वर धाम सलैया पंडखुरी, विजयराघवगढ़ पहुंची।


पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत एवं सेवा की व्यवस्था की गई थी। जगह-जगह शिवभक्तों का उत्साह बढ़ाया गया। जैसे-जैसे कांवड़ यात्रा आगे बढ़ती गई, श्रद्धालुओं का कारवां भी विस्तृत होता गया। भजनों, जयघोषों और शिव आराधना के बीच पूरा वातावरण भक्तिरस में डूबा नजर आया।

नीलकंठेश्वर धाम में हुआ पवित्र जल से अभिषेक
नीलकंठेश्वर धाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का विधि-विधानपूर्वक अभिषेक किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
बाबू मदनलाल ग्रोवर ने स्वयं कांवड़ लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने सभी शिवभक्तों की सहभागिता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था और सहयोग ही इस धार्मिक आयोजन की वास्तविक शक्ति है।

भव्य भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
कांवड़ यात्रा के समापन अवसर पर नीलकंठेश्वर धाम सलैया पंडखुरी में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर से प्रारंभ हुए भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे में सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजन स्थल पर पहुंचे प्रत्येक श्रद्धालु का आत्मीय स्वागत किया गया। शिवभक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

भव्य कांवड़ यात्रा के प्रमुख सूत्रधारों में विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक, बाबू मदनलाल ग्रोवर, बाबू ग्रोवर एवं रुद्राक्ष ग्रोवर शैलेश कन्हैया तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं अनुज आनंद ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों, सहयोगियों, स्थानीय नागरिकों और बड़ी संख्या में शामिल हुए शिवभक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
शिवभक्ति की यह परंपरा आगे भी रहेगी जारी
श्रावण मास में आयोजित इस विशाल कांवड़ यात्रा ने कटनी अंचल में धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का एक नया स्वरूप प्रस्तुत किया। हजारों कदमों से आगे बढ़ता आस्था का यह कारवां और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष इस बात के साक्षी बने कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा आज भी जनमानस में उतनी ही गहरी है।
बाबू मदनलाल ग्रोवर की अगुवाई में प्रारंभ हुआ पांच वर्षीय संकल्प अब अपने द्वितीय चरण में पहुंच चुका है। इस धार्मिक संकल्प की निरंतरता आने वाले वर्षों में भी बनी रहेगी और नीलकंठेश्वर धाम तक पवित्र जल पहुंचाने की यह परंपरा और व्यापक स्वरूप लेगी—यही आयोजन से जुड़े शिवभक्तों की भावना और संकल्प है। श्रद्धा के कदम बढ़ते रहे, हर-हर महादेव गूंजता रहा और नीलकंठेश्वर धाम शिवभक्ति से अभिभूत होता रहा।

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