अभाविप ने जिले के समस्त महाविद्यालय की समस्याओं को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*
जिले के शासकीय महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। किंतु वर्तमान में महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को कुछ आवश्यक प्राथमिक सुविधाओं के अभाव के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं, सुविधाओं एवं अधिकारों को लेकर सदैव सक्रिय रही है। इसी क्रम में विद्यार्थियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए परिषद निम्नलिखित मांगें आपके समक्ष प्रस्तुत करती है
हमारी प्रमुख मांगें
1. स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
महाविद्यालय के सभी प्रमुख स्थानों पर शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था की जाए तथा खराब वाटर कूलर/RO मशीनों को तत्काल दुरुस्त किया जाए।
2. स्वच्छ एवं पर्याप्त स्वच्छतागृह
छात्र एवं छात्राओं के लिए पर्याप्त संख्या में स्वच्छ, सुरक्षित एवं नियमित रूप से साफ किए जाने वाले शौचालय उपलब्ध कराए जाएँ। छात्राओं के लिए अलग एवं सुरक्षित शौचालय, सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता तथा आवश्यकतानुसार सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग एवं डिस्पोजल की व्यवस्था की जाए।
3. कक्षाओं की मूलभूत व्यवस्था
सभी कक्षाओं की मूलभूत अधोसंरचना के साथ साथ पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश व्यवस्था, खिड़कियाँ एवं आवश्यकतानुसार विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। महाविद्यालय परिसर, कक्षाओं, गलियारों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए तथा खराब विद्युत उपकरणों को बदला जाए।
4. पुस्तकालय की सुविधा
महाविद्यालयों के पुस्तकालय में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, समाचार-पत्र एवं अध्ययन के लिए पर्याप्त बैठक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। विभिन्न महाविद्यालयों में ई लाइब्रेरी स्थापित करने पर विचार किया जाए
5. प्रयोगशालाओं का उन्नयन
विषयवार प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण, सामग्री एवं सुरक्षा संबंधी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ तथा अनुपयोगी उपकरणों की मरम्मत/प्रतिस्थापन किया जाए।
6. खेल सुविधाएँ
विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेल मैदान को व्यवस्थित किया जाए तथा आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाए
7. पर्यावरणयुक्त परिसर एवं स्वच्छता
परिसर में नियमित सफाई, कूड़ेदान एवं कचरा निस्तारण की उचित व्यवस्था की जाए। परिसर को स्वच्छ एवं प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण, उद्यान एवं स्वच्छ हरित वातावरण विकसित किया जाए।
8. बैठने एवं विश्राम की व्यवस्था
विद्यार्थियों के लिए परिसर में पर्याप्त बेंच, बैठने की जगह एवं आवश्यकतानुसार शेड की व्यवस्था की जाए।
9. सुरक्षा व्यवस्था
महाविद्यालय के प्रवेश एवं निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता वाले स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएँ। परिसरों में असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर कानूनी कार्यवाही की जाए। कई महाविद्यालयों की बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त अथवा अनुपलब्ध होने के कारण असामाजिक तत्वों का प्रवेश सुलभ हो गया है, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।
10. साइकिल/वाहन पार्किंग
विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थित एवं सुरक्षित साइकिल/दोपहिया पार्किंग की व्यवस्था की जाए।
11. इंटरनेट एवं डिजिटल सुविधा
विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त इंटरनेट/Wi-Fi सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा डिजिटल अध्ययन संसाधनों को सुदृढ़ किया जाए।
12. दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुविधाएँ
दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा हेतु रैंप, सुगम प्रवेश मार्ग एवं आवश्यक अन्य सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ।
13. प्राथमिक उपचार सुविधा
महाविद्यालय में प्राथमिक उपचार कक्ष/फर्स्ट-एड बॉक्स की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रखी जाए। किसी हताहत में विद्यार्थी को उचित उपचार मिल पाए वह सुनिश्चित किया जाए
14. विद्यार्थी सहायता केंद्र
प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षा, प्रमाण-पत्र एवं अन्य शैक्षणिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी विद्यार्थी सहायता केंद्र स्थापित किया जाए। और उस हेतु किसी कर्मचारी को जवाबदेह बनाया जाए।
15. कॉमन रूम की व्यवस्था
छात्राओं के लिए आवश्यकतानुसार सुविधायुक्त कॉमन रूम उपलब्ध कराया जाए।
16. कैंटीन सुविधा का प्रारंभ:
सभी शासकीय महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं रियायती दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने हेतु कैंटीन व्यवस्था अनिवार्य रूप से प्रारंभ की जाए।
17. विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल का पुनर्जीवन:
युवाओं को रोजगार एवं कौशल मार्गदर्शन प्रदान करने वाली ‘विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल’ अधिकतर स्थानों पर ठप्प है। इसे पूर्ण क्षमता के साथ पुनः सक्रिय किया जाए ताकि विद्यार्थियों को करियर और कौशल विकास संबंधी मार्गदर्शन मिल सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मत है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ मिलना भी उतना ही आवश्यक है।
अतः आपसे आग्रह है कि उपरोक्त मांगों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा जिन कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट अथवा उच्च स्तर की स्वीकृति आवश्यक है, उनके लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए।
साथ ही, की गई कार्यवाही से विद्यार्थी प्रतिनिधियों को अवगत कराया जाए, ताकि महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित हो सके ज्ञापन देते समय जिला संगठन मंत्री कुणाल निखाड़े, जिला संयोजक अमन त्रिपाठी, जिला छात्रा प्रमुख निधि पांडेय, अजय सिंह बैंस, बृजेश पाल, नीलम कुशवाहा, आयुष यादव, निशांत, रागिनी, नदीप पनिका, आयुष सिंह परिषद के कार्यकर्ता एवं एवं छात्र_छात्रा उपस्थित थे