शव जलाया, पहचान मिटाई….लेकिन कालर का टेंग बन गया गवाह 6 महीने बाद सुलझी सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री, शव जलाकर जंगल से स्टॉप डैम तक पहुंचाया था हत्यारों ने
शव जलाया, पहचान मिटाई….लेकिन कालर का टेंग बन गया गवाह
6 महीने बाद सुलझी सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री, शव जलाकर जंगल से स्टॉप डैम तक पहुंचाया था हत्यारों ने
आज बात एक ऐसी ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री की, जिसने पुलिस को करीब छह महीने तक उलझाए रखा। महाशिवरात्रि की रात मिला एक जला हुआ शव… पहचान मिटाने की पूरी कोशिश… लेकिन हत्यारों की एक छोटी-सी चूक ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। मृतक की शर्ट की कालर पर लगा एक छोटा-सा टैग पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया।
महाशिवरात्रि की रात….जंगल के पास एक जला हुआ शव मिलता है। पहचान मिटाने की हर कोशिश की जा चुकी थी। पुलिस के सामने था एक ऐसा ब्लाइंड मर्डर, जिसमें न कोई गवाह था, न कोई पहचान। लेकिन फिर… मृतक की शर्ट की कालर पर लगा एक छोटा-सा टेंग पूरी कहानी बदल देता है। इसी एक सुराग से पुलिस मृतक की पहचान तक पहुंचती है, जंगल में छिपे सबूत बरामद करती है और आखिरकार छह महीने बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा कर देती है।
कैसे एक छोटे से कपड़े के लेबल ने हत्यारों की पूरी साजिश को नाकाम कर दिया….देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट।
कटनी/बहोरीबंद। महाशिवरात्रि की रात मिली एक सड़ी-गली लाश….पहचान का कोई सुराग नहीं… शरीर बुरी तरह जला हुआ….और पुलिस के सामने सिर्फ एक सवाल आखिर यह कौन था और इसकी हत्या किसने की। करीब छह महीने तक चली पुलिस की पड़ताल ने आखिरकार इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी। हैरानी की बात यह रही कि पूरे मामले का सबसे बड़ा सुराग मृतक की शर्ट की कालर में लगा एक छोटा-सा टेलर का टेंग लेबल बना, जिसने पुलिस को सीधे हत्यारों तक पहुंचा दिया।
15 फरवरी 2026 को सिद्ध बाबा रोड स्थित स्टॉप डैम की मेड़ पर बांस के भैरा में छिपाकर रखा गया एक अज्ञात युवक का जला हुआ शव मिला था। प्रारंभिक जांच में साफ हो गया कि हत्या कहीं और की गई थी और पहचान छिपाने के लिए शव को जलाकर सुनसान इलाके में फेंक दिया गया था।

कालर पर लिखा था RS Tailors, मझौली
जांच के दौरान पुलिस की नजर मृतक की शर्ट की कालर पर लगे एक छोटे से टेंग पर गई, जिस पर RS Tailors, मझौली लिखा था। जब पुलिस मझौली पहुंची तो पता चला कि वह दुकान पांच साल पहले ही बंद हो चुकी है। इसके बाद आसपास के गांवों में कपड़ों के आधार पर तलाश शुरू हुई।
आखिरकार पडवार निवासी गोपाल बर्मन ने कपड़ों और जेब में रखी सूखी पत्ती देखकर आशंका जताई कि शव उसके बेटे दुर्गा बर्मन का हो सकता है। डीएनए जांच ने इस आशंका को सच साबित कर दिया।
जंगल में मिला मौत का सच

पुलिस जब कोल्हाई देव के जंगल पहुंची तो वहां मृतक के रेडियो के सेल, गुलेल और अधजले कपड़े बरामद हुए। मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि कुछ लोग जंगल में करंट लगाकर जंगली जानवरों का शिकार करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि महाशिवरात्रि की रात उन्होंने जंगली सूअर और खरगोश के शिकार के लिए जंगल में करंट बिछाया था। देर रात तार समेटने पहुंचे तो महुआ के पेड़ के नीचे दुर्गा बर्मन का जला हुआ शव पड़ा मिला। शव की पहचान होने के बाद उन्हें डर था कि पुलिस उन्हें ही आरोपी समझेगी।
सबूत मिटाने के लिए रची साजिश
आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए शव को मोटरसाइकिल के बीच में रखकर कई गांवों से होते हुए सिद्ध बाबा रोड स्थित स्टॉप डैम के पास ले जाकर बांस के भैरा में छिपा दिया, ताकि हत्या का राज हमेशा के लिए दफन हो जाए। लेकिन उन्हें क्या पता था कि मृतक की शर्ट की कालर पर लगा एक छोटा-सा टेंग उनकी पूरी साजिश को बेनकाब कर देगा।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में धर्मेन्द्र उर्फ टिक्कू यादव, धर्मेन्द्र उर्फ धम्मू गोटिया और सुखदेव उर्फ सुक्के यादव को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच में बहोरीबंद थाना पुलिस, साइबर सेल तथा पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह मामला इस बात का उदाहरण बन गया कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश करें, लेकिन अपराध का कोई न कोई निशान उन्हें कानून के शिकंजे तक पहुंचा ही देता है।
आरोपीगण की गिरफ्तारी मे निरीक्षक थाना प्रभारी बहोरीबंद विजय कुमार विश्वकर्मा, निरीक्षक शैलेन्द्र यादव पुलिस लाईन कटनी एवं बहोरीबंद पुलिस स्टाफ सउनि. चूडामणि पाण्डेय, सउनि, अनुराग पाठक प्र.आर. रमेश सिह, योगेन्द्र राजपूत, सुनील बागरी, बृजेश सिह, आर. मोहित साहू, अतुल जैन, आशीष सेन, संदीप यादव महिला आर. वंदना रजक, सेनिक हरिहर दुबे, सेनिक राजकुमार सेन तथा सायबर सेल कटनी से आर. सतेन्द्र की विशेष भूमिका रही।