एडमिशन मामले में DEO रजनीश तिवारी पहुंचे जिला अस्पताल, बीमार बच्चे का जाना हाल शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को दिए स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।स्कूल एडमिशन से जुड़े मामले में जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी आज जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती बीमार बच्चे से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना।
दरअसल, पेंड्रा के कोड़गार क्षेत्र के एक बच्चे का एडमिशन को लेकर मामला सामने आया है। जिसके तहत एक बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है मामले की जानकारी मिलते ही DEO रजनीश तिवारी तत्काल अस्पताल पहुंचे।
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने डॉक्टरों से चर्चा कर इलाज की जानकारी ली और बच्चे को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने को कहा जिसपर डॉक्टर ने बच्चे की तबीयत ठीक होने की जानकारी दी और कहा कि अब बच्चे को परिजन घर ले जा सकते हैं।
BEO व प्राचार्य को निर्देश – बच्चे के स्वस्थ होते ही स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करें
DEO रजनीश तिवारी ने कहा, “बच्चे का स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता है। साथ ही किसी भी बच्चे का एडमिशन रोका नहीं जाएगा। शासन की मंशा है कि हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाया जाए। लापरवाही करने वाले पर कार्रवाई होगी।”
बच्चे के माता पिता द्वारा यह भी बताया गया कि बच्चा केवल एडमिशन फॉर्म लेकर आया था उसे अभी जमा नहीं किया गया था। जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि फॉर्म को लाना बस नहीं रहता है उसे जमा भी करना पड़ता है आगे उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आठवीं कक्षा में उत्तीर्ण हुए बच्चों की टीसी उनके पास वाले स्कूलों को स्वतः ही सौप दी जाती है और एडमिशन करा दिया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एडमिशन के नाम पर किसी भी स्कूल में पालकों को परेशान न किया जाए। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जिला अस्पताल में बच्चे से मिलने के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के साथ बीईओ पेंड्रा आरएन चंद्रा,बीआरसी गौरेला संतोष सोनी और साक्षरता के नोडल अधिकारी आलोक शुक्ला मौजूद थे।
*बच्चे के परिजनों* ने DEO के अस्पताल पहुंचने पर जताया आभार।