मर्यादा भूले घनश्याम : फूहड़ता को बताया पब्लिक डिमांड

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एक तरफ 22 जनवरी की तैयारी, दूसरी तरफ कैबरे डांस

इन्ट्रो-मकर संक्रांंति के 7 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के छठवें दिन देर रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर ऐतिहासिक बाणगंगा मेला मैदान में कैबरे डांस हुआ, नपाकर्मियों ने भी स्टेज पर अश्लील पोज दिये, हद तो तब हो गई जब कांग्रेस के नपाध्यक्ष ने इसे पब्लिक डिमांड बताकर हिन्दु धार्मिक आस्थाओं को धराशायी कर दिया।
शहडोल। देश के प्रधानमंत्री ने बीती 11 जनवरी से 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम तक लगातार 11 दिन धार्मिक अनुष्ठान में बैठने की बात कही, दूसरी तरफ कांग्रेस के तथाकथित नगर पालिका अध्यक्ष ने हिन्दुओं की धार्मिक आस्था का प्रतीक माने जाने वाले बाणगंगा मेले में कैबरे डांस कराया, शुक्रवार की देर रात जब यह कार्यक्रम चालू हुआ तो, मंच पर आधे-अधूरे कपड़ों में फूहड़ कानफोडू संगीत चलाया गया और इस कैबरे डांस में नपाकर्मी भी मंच पर थिरकते नजर आये, शनिवार को यह वीडियो सोशल मीडिया में वॉयरल हुआ तो, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल जमकर ट्रोल हुए, इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष ने मीडिया को जो बयान दिया, वह चौकाने वाला रहा, श्री जायसवाल ने कहा कि यह मनोरंजन है और पब्लिक डिमांड पर कैबरे डांसर वाला अश्लील नृत्य का आयोजन करना बताया।

डर्टी डांस पर सब कुर्बान

जिले बाण गांग मैदान में आयोजित 7 दिवसीय मेले में डर्टी डांस का मामला सामने आया है। इस मामले में सबसे आश्चर्य वाली बात यह देखने को मिली कि मंच पर नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी के अलावा कई भाजपा व कांग्रेश के नेता भी मौजूद थे। लेकिन किसी ने भी इस सरकारी कार्यक्रम में अश्लील नृत्य को रोकने का प्रयास या बंद कराने का साहस नहीं किया, इसमें महिला कलाकारों द्वारा फूहड़ और अश्लील डांस परोसा गया,जब अश्लीलता का वीडियो वायरल हुआ, तो नगर पालिका जमकर आलोचना हो रही है।

…तो नैतिकता भूले घनश्याम

मकर संक्रांति के मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर नगर पालिका के द्वारा कैबरे डांस कराया गया, यह सबकुछ उसी समय हो रहा था, जब अधिकांश नागरिक और देश के प्रथम व्यक्ति अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को अंतिम रूप देने में लगे थे, इस मामले का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस के तथाकथित नपाध्यक्ष का बयान भी कम चौकाने वाला नहीं रहा, उन्होंने नैतिकता और पद की गरिमा की विपरीत जाते हुए कहा कि यह सब मनोरंजन की श्रेणी में आता है, पब्लिक की डिमांड थी, हमने कार्यक्रम करा दिया, घनश्याम यह भी नहीं भूले की अश्लील गानों में नारी शक्ति को मंच पर अश्लील डांस कराकर वे खुद और उनके सहयोगी पहले जमकर लुफ्त उठा रहे थे और बाद में महिला के डांस को मनोरंजन करार दे दिया।

भाजपाईयों की चुप्पी भी आई सामने

पूरे मामले में हिन्दु धार्मिक आस्थाओं व महिला सम्मान की दुहाई देने वाली भारतीय जनता पार्टी के तथाकथित पार्षद भी कार्यक्रम का लुफ्त उठाते नजर आये, कैबरे डांस का वीडियो वॉयरल होने के बाद आमजनों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, लेकिन परिषद में विपक्ष में बैठी भाजपा ने अपना फर्ज तक नहीं निभाया, यह भी बताया गया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मेला व्यवस्था के नाम पर पालिका में लाखों रूपये के बिल बनाये जा रहे हैं, इन्हीं बिलों में से दर्जनों पार्षद और जिम्मेदार मेले का परिवार सहित लुफ्त उठा रहे थे, इसी कारण उन्होंने किसी भी अभद्रता और फूहड़ता का विरोध नहीं किया।

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