शहर में अवैध रूप से संचालित हैं मैरिज गार्डन

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फायर क्लीयरेंस के बगैर कैसे संचालित हो रहे होटल, मैरिज हॉल, रेस्टोरेंट

 

(अनिल तिवारी)
शहडोल। मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल, होटल और रेस्टोरेंट से मिल रही दौलत के नशे में चूर मालिकों ने ग्राहकों की सुरक्षा को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया है। संभवत: शहर के एक भी मैरिज हॉल, मैरिज गार्डन, होटल के पास फायर विभाग की एनओसी नहीं है। बिना एनओसी (नान आब्जेशन सर्टिफिकेट) वर्षों से यहां उक्त संस्थान चल रहे हैं। हैरान करने वाली बात ये है कि प्रशासन ने भी कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया। लगता है लापरवाही की आग में झुलसने से मौतों के बाद प्रशासन की नींद टूटेगी। उक्त संस्थानों में आग के बाद भी यदि केवल कोरम और मैनेजिंग व्यवस्था ही लागू रही तो, किसी भी दिन इससे भयावह हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे जनहानि हो सकती है और इसका ठीकरा बाद में प्रशासनिक कर्मचारियों के नुमाइंदों पर टूटेगी।

आदेशों को लेकर बेपरवाह
भले ही शासन-प्रशासन ने मैरिज हॉल में आग बुझाने के संसाधन और एनओसी की अनिवार्यता को लेकर बार-बार आदेश जारी किए हों, लेकिन मैरिज हॉल प्रबंधक आदेशों को लेकर बेपरवाह है। शहर में एक भी ऐसे मैरिज हॉल एवं मैरिज गार्डन संचालक नहीं है कि जिन्होंने अग्निशमन विभाग से एनओसी ली है, जबकि कई मैरिज गार्डन मानकों को पूरा नहीं कर हादसों का निमंत्रण दे रहे हैं। हाल ही में गोरतरा स्थित ग्रीन गार्डन में आग लग गई थी, जिसके बाद भी प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़
संभागीय मुख्यालय सहित पूरे अंचल में मैरिज गार्डन बगैर फायर एनओसी के चल रहे है, इससे जिम्मेदार विभाग की लापरवाहियों का खुलासा हो रहा है। शहर में संचालित एक भी मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल, होटल के पास फायर विभाग की एनओसी नहीं है। यही हाल कस्बाई क्षेत्रों में चल रहे मैरिज गार्डन होटलों और रेस्टोरेंट का है। वर्षों से शहर मुख्यालय पर चल रहे तमाम मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल, होटल में ग्राहकों की सुरक्षा के साथ खुलेआम खिलवाड़ होता रहा। सुरक्षा के नाम पर आग रोधी छोटा सा सिलेंडर बांध दिया गया। मगर इसे चलाने का होटल स्टाफ और संचालकों ने कभी फायर विभाग के कर्मचारियों से प्रशिक्षण नहीं लिया। यहां यह बताना जरूरी है कि इस फायर रोधी सिलेंडर की प्रति वर्ष जांच होनी चाहिए।

यह हैं नियम
नगर निकाय की ओर से शादी समारोह स्थल एवं लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए गाइडलाइंस जारी की गई है। इसके तहत समारोह स्थल का आकार 2,000 वर्ग मीटर से कम नहीं होना चाहिए। निर्माण नेशनल बिल्डिंग कोड के तहत होना चाहिए। मालिक को संबंधित अग्नि प्राधिकरण से आग सुरक्षा के मानकों को पूरा करना होता है। शहरी क्षेत्र में 25 मीटर वाली सड़क एवं ग्रामीण क्षेत्र में 12 मीटर चौड़ी सड़क पर ही स्थल का निर्माण किया जा सकता है। विवाह स्थल या बैंकवेट हॉल का निर्माण मानकों के अनुसार नहीं किया गया तो कार्रवाई होती है। इसके साथ पार्किंग बिल्डिंग के अंदर होनी चाहिए। इसी के साथ विवाह स्थल की दूरी स्कूल एव अस्पताल से 100 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्लांट एवं प्रदूषण बोर्ड के नियमों के तहत सॉलिड वेस्ट का प्रबंधन होना चाहिए।

प्रशासनिक अधिकारी नहीं देते ध्यान
अग्निशमन विभाग के पास नियमों का उल्लंघन और मानकों का पूरा नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अधिकार नहीं है। अग्निशमन विभाग सिर्फ निरीक्षण कर नोटिस जारी सकता है। साथ ही मानक पूरा नहीं होने पर सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों को पत्राचार कर सकता है। इसी का कारण है कि अग्निशमन की ओर से जारी निर्देशों को लेकर मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल, अस्पताल, रेस्टोरेंट, होटल आदि संजीदा नहीं हैं।

होटलों में ढांचागत सुरक्षा के ये है मानक
सेट बैक (होटल के चारों तरफ खुला स्थान होना जरूरी)।
होटल में कम से कम चौड़ी और ढलान युक्त दो सीढ़ी।
फायर स्केप, होटल से आकस्मिक बाहरी सीढ़ी जरूरी।
आग लगने पर बजने वाला अलार्म आवश्यक।
होजरिल (यह उपकरण आग बुझाने में होता है सहायक)।
होटल परिसर में या आस-पास फायर हाइड्रेंट जरुरी।
फायर रोधी यंत्रों की जांच का होना चाहिए प्रमाण पत्र।
होटलों के कमरों में ऐयर पासिंग व खिड़की का इंतजाम।
दिन और रात के वक्त होटल में सुरक्षा गार्डों की उपस्थिति।
होटल तक फायर गाड़ी पहुंचने का सुगम मार्ग जरूरी।

इनका कहना है…
समय-समय पर संबंधितों को हिदायत दी जाती है, आगे भी समझाईश दी जायेगी।
राज कुमार विश्वकर्मा
फायर प्रभारी, शहडोल
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इस संदर्भ में हम समस्त बारात घरों और होटल संचालकों को नोटिस भेजेंगे, आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले तो, कार्यवाही भी होगी।
अमित तिवारी
मुख्य नगर पालिका अधिकारी
शहडोल

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