बिहान योजना में नवाचार के तहत सहकर्मी समीक्षा संपन्न स्वसहायता समूहो से जुड़ी हमहिलाओं की बदलेगी तस्वीर
मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, 15 अप्रैल 2026/जिले में संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत स्वसहायता समूहों से ग्राम में लक्षित परिवारों की सभी महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर उनको शासन की योजना अनुसार आजीविका गतिविधियॉं कराकर और महिलाओं का क्षमतावर्धन कर उनको सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसी तारतम्य में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मण्डावी के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश कुमार रावटे के निर्देशन जिले में नवाचार गतिविधि के तहत ग्राम में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लखपति ग्राम बनाने की दिशा में सहकर्मी समीक्षा का आयोजन जिले के मरवाही विकासखण्ड के ग्राम मडई में संपादित किया गया है। जिसमें विकासखण्ड गौरेला के 7 सदस्यीय टीम ने ग्राम में स्वसहायता समूहों से जुडी हुई महिलाओं की बैठक कर मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा कर मिशन द्वारा निर्धारित इंडीकेटर्स पर बात कर स्थिति को समझा। ज्ञात हो कि शासन द्वारा स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के परिवार की आय 1 लाख से अधिक कर लखपति दीदी बनाया जाना है, इसी दिशा में लखपति ग्राम बनाने की ओर कार्य किया जा रहा है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे द्वारा बताया गया कि ग्राम एक विकासखण्ड की टीम दूसरे विकासखण्ड के ग्राम में दौरा कर महिलाओं से मिशन की गतिविधियों के बारे में चर्चा कर और किस प्रकार से महिलाओं को मिशन द्वारा एवं विभागीय कर्न्वजेन्स का लाभ दिलाकर उनकी आजीविका में वृद्धि की जाय ताकि ग्राम लखपति ग्राम बनने की दिशा में आगे बढे कार्य किया जा रहा है। ग्राम में स्वसहायता समूहों से चक्रीय राशि, सामुदायिक निवेश निधि राशि एवं बैंक लिंकेज से लाभ लेकर कैसे महिलाऐं आगे बढ रही है, सक्सेस स्टोरी भी निकलकर सामने आ रही हैं, ताकि अन्य ग्रामों की महिलाऐं भी आजीविका गतिविधियॉं कर आगे बढे़़ । आगे जिला मिशन प्रबंधक श्री दुर्गाशंकर सोनी द्वारा बताया गया कि सहकर्मी समीक्षा का मुख्य उद्देश्य है,कि जिले के अन्य विकासखण्ड में कार्यरत स्टाफ द्वारा दूसरे विकासखण्ड के स्टाफ की टीम से समूह से छूटी हुई महिलाओं को समूह में शामिल कराना, उनका क्षमतावर्धन करना, जेण्डर संबंधी गतिविधियों में समझ विकसित करना, साथ ही ग्राम पंचायत की ग्राम सभाओं में महिलाओं की शत प्रतिशत भागीदारी कराना है।
ग्राम संगठन अंतर्गत गठित उपसमितियों की बैंठक कर सामाजिक,आर्थिक,राजनैतिक मुद्दांें में समझ विकसित करना । इसके साथ-साथ मिशन द्वारा दिये जा रहे आर एफ,सीआईएफ, बैंक लिंकेज की उपयोगिता ग्राम स्तर पर परखना और जिन स्वसहायता समूहों को चक्रीय राशि,सीआईएफ,बैंक लिंकेज राशि नहीं मिली है, शासन से महिलाओं का शत प्रतिशत बीमा हेतु प्रोत्साहन करना समय पर क्लेम सेटलमेंट उसमें आ रही परेशानियों आदि को जाना। तथा महिलाओं को विभागीय कर्न्वजेन्स की आवश्यकता की पहचान कर उनको अन्य विभाग से सहयोग दिलाने आवश्कता का चिन्हांकन कर आगे कार्यवाही की जायेगी। आज महिलाओं समूह से जुड़कर ग्रामपंचायत पंच सरपंच,जनपद सदस्य जिला सदस्य बन रही हैं। इसी के तहत सहकर्मी समीक्षा के दौरान कुल 38 समूह गठित है, जिनमें से 29 को आर एफ.प्राप्त हो चुका था । शेष 9 स्वसहायता समूहों के आर. एफ. फार्म एवं 9 समूहों के भी सीआईएफ फार्म एवं बैंक लिंकेज फार्म तैयार कर कार्यवाही की जायेगी। साथ ही आजीविका गतिविधि हेतु मत्स्य विभाग, उद्यानिकी एवं कृषि विभाग, प्रधानमंत्री खाद उन्नयन योजना एवं अन्य विभागों से कर्न्वजेन्स हेतु चिन्हांकन किया गया है।
सीईओ जिला पंचायत श्री रावटे ने बताया कि प्रारंभ में नवाचार के तहत अभी तीनों विकासखण्ड के एक एक ग्राम को लिया गया है, इसके मूल्यांकन के आधार पर उक्त गतिविधि जिले के सभी ग्रामों में संपादित की जायेगी। ताकि अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों की महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। सहकर्मी समीक्षा के माध्यम से स्थानीय पारंपरिक आजीविका गतिविधियों की संभावनाओं की तलाश करना। स्थानीय अनुपयोगी संसाधनों को आजीविका गतिविधि में कैसे उपयोग में लायें, सामूहिक आजीविका गतिविधि को बढावा देना। स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय कर व्यक्तिगत विकास से सामाजिक विकास की ओर कैसे बढें । घरेलू हुनर को आजीविका गतिविधि में कैसे परिवर्तित करें।, समूह की दीदीयों द्वारा उत्पादित उत्पादों को एफ.पी.ओ. के माध्यम से कैसे मार्केट लिंकेज किया जाये। समीक्षा के दौरान. 40 आजीविका गतिविधियों का चिन्हांकन किया गया।