पेंड्रा रोड रेल्वे सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता कार्यालय में तिरंगा झंडे का हुआ अपमान,आधे पोल में झूल रहा है झंडा, अधिकारी कार्यालय बंद कर छुट्टी मना रहे हैं।
पेंड्रा रोड। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां देशभर में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव का भाव दिखाई दे रहा है, वहीं पेंड्रा रोड स्थित सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता, S.E.C. रेलवे, पेंड्रा रोड कार्यालय परिसर की तस्वीरें व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में कार्यालय परिसर में फहराया गया तिरंगा झुका हुआ और नीचे की ओर लटकता हुआ दिखाई दे रहा है। तस्वीर में ध्वज के आसपास सजावटी तिरंगे रंग की पट्टियां भी लगी हुई हैं। ऐसे में राष्ट्रीय ध्वज को उचित स्थिति और सम्मान के साथ प्रदर्शित किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय के अनुसार भारतीय झंडा संहिता, 2002 तथा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन और सम्मान से संबंधित प्रमुख प्रावधान निर्धारित करते हैं। गृह मंत्रालय स्पष्ट करता है कि राष्ट्रीय ध्वज को गरिमा एवं सम्मान के अनुरूप प्रदर्शित किया जाना चाहिए तथा क्षतिग्रस्त या अस्त-व्यस्त ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 में सार्वजनिक स्थान अथवा सार्वजनिक दृष्टि में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपमान या अनादर को दंडनीय बनाया गया है। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि यहां जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया है। ध्वज किस कारण से नीचे झुका या लटका, इसकी वास्तविक स्थिति संबंधित रेलवे अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच की मांग
तस्वीरों के सामने आने के बाद सवाल यह है कि राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के बाद उसकी स्थिति की निगरानी क्यों नहीं की गई? यदि तेज हवा, रस्सी अथवा पोल की तकनीकी समस्या के कारण ध्वज नीचे आया था, तो उसे तत्काल ठीक क्यों नहीं किया गया?
रेलवे प्रशासन से मांग की जा रही है कि मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता, एकता, सम्मान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। इसलिए सरकारी कार्यालयों में इसके प्रदर्शन के दौरान निर्धारित नियमों और गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है।