ड्यूटी के बीच भूल गए अपना जन्मदिन, पेंड्रा में जनप्रतिनिधियों ने ट्रैफिक आरक्षक को दिया खास सरप्राइज

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प्रदीप शर्मा की खास रिपोर्ट

 

 

पेंड्रा। (जीपीएम)- सड़क पर यातायात व्यवस्था संभालना आसान काम नहीं है। तेज धूप, बारिश, भीड़भाड़ और लगातार जिम्मेदारियों के बीच पुलिस जवान अक्सर अपनी निजी खुशियों और खास पलों को भी कर्तव्य के आगे पीछे छोड़ देते हैं। ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक नजारा पेंड्रा में देखने को मिला, जहां यातायात पुलिस में पदस्थ आरक्षक गिरवर सिंह पैकरा का जन्मदिन जनप्रतिनिधियों और मित्रों ने मिलकर हर्षोल्लास के साथ मनाया।

आरक्षक गिरवर सिंह पैकरा पूरे समर्पण के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के लिए जाने जाते हैं। जन्मदिन के दिन भी वे सुबह से ही यातायात व्यवस्था संभालने में व्यस्त थे। सुबह वीडियो कॉल के माध्यम से जब मैंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, तो बातचीत के दौरान उनकी व्यस्तता साफ नजर आई। मुश्किल से एक मिनट की बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि आज जन्मदिन पर क्या खास है, तो उन्होंने सहजता से जवाब दिया—“भैया साहब, अभी तो ड्यूटी में हूं, बाद में सोचेंगे… घर जाएंगे तब देखते हैं।”

उनकी यह बात दिल को छू गई। यह साफ था कि ड्यूटी के प्रति समर्पण इतना है कि अपने जन्मदिन जैसे खास दिन को भी उन्होंने पीछे रख दिया। यातायात पुलिस के जवानों की जिम्मेदारियां ऐसी होती हैं कि वे अक्सर अपने परिवार, दोस्तों और व्यक्तिगत खुशियों के लिए समय नहीं निकाल पाते। आम लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए वे दिन-रात तत्पर रहते हैं।

इसी भावना को देखते हुए पेंड्रा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष राकेश जालान से इस बारे में चर्चा की गई। समाजहित के कार्यों में हमेशा सक्रिय रहने वाले राकेश जालान ने तुरंत सकारात्मक पहल करते हुए कहा कि एक कर्मठ पुलिस जवान का जन्मदिन साधारण तरीके से नहीं गुजरना चाहिए। उन्होंने तुरंत अन्य जनप्रतिनिधियों और साथियों से संपर्क किया और शाम को आरक्षक गिरवर सिंह पैकरा के लिए खास आयोजन की योजना बनाई।

जैसे ही दिनभर की ड्यूटी समाप्त हुई, आरक्षक गिरवर सिंह पैकरा को एक सुखद सरप्राइज मिला। पेंड्रा के जनप्रतिनिधि, मित्र और शुभचिंतक एकत्र हुए और केक काटकर उनका जन्मदिन उत्साह और आत्मीयता के साथ मनाया। अचानक मिले इस सम्मान और स्नेह से आरक्षक गिरवर सिंह पैकरा भावुक नजर आए। उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि दिनभर की थकान इस छोटे से सम्मान ने दूर कर दी।

यह आयोजन सिर्फ जन्मदिन मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी दिया। पुलिस जवान जो हर दिन जनता की सुरक्षा के लिए अपने आराम, परिवार और निजी जीवन की खुशियों से समझौता करते हैं, उनके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता दिखाना समाज का भी दायित्व है।

पेंड्रा में हुआ यह आयोजन बताता है कि अगर समाज और जनप्रतिनिधि चाहें, तो अपने कर्तव्यनिष्ठ जवानों के जीवन के छोटे-छोटे पलों को भी खास बनाया जा सकता है। ऐसे सम्मान से न केवल पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि समाज और पुलिस के बीच आत्मीय संबंध भी मजबूत होते हैं।

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