युवाओं और महिलाओं को मिला स्वरोजगार का मंत्र दो दिवसीय कंपोजिट वर्कशॉप में साइबर सुरक्षा से लेकर स्टार्टअप, बैंकिंग और शासकीय योजनाओं तक दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
युवाओं और महिलाओं को मिला स्वरोजगार का मंत्र
दो दिवसीय कंपोजिट वर्कशॉप में साइबर सुरक्षा से लेकर स्टार्टअप, बैंकिंग और शासकीय योजनाओं तक दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कटनी।। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में कटनी में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय एवं विश्व बैंक समर्थित रैम्प योजना के अंतर्गत लघु उद्योग भारती द्वारा जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित दो दिवसीय कंपोजिट वर्कशॉप में युवाओं, महिला उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों एवं आईटीआई विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की राह दिखाई गई।
कार्यशाला का शुभारंभ जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्योति सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। पहले दिन प्रतिभागियों को जेड सर्टिफिकेशन, ईएसजी एवं आईसीपी अवेयरनेस, स्व-सहायता समूहों के फॉर्मलाइजेशन, उद्यमिता विकास, जीआई अवेयरनेस, टीम इनिशिएटिव और ओएनडीसी जैसे विषयों की जानकारी दी गई। साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध अवसरों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

साइबर अपराध से बचाव और वित्तीय साक्षरता पर जोर
कार्यशाला के दूसरे दिन लघु उद्योग निगम भोपाल के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह राठौर, लघु उद्योग भारती महाकौशल अंचल के अध्यक्ष अनिल वासवानी, हरि सिंह भदौरिया, मुरलीधर रत्नानी सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों एवं आईटीआई विद्यार्थियों को ‘साइबर जागरूकता 2.0’ के माध्यम से साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सतर्कता और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के बारे में जागरूक किया। इसके बाद नई स्टार्टअप पॉलिसी, एमएसएमई वित्तीय जागरूकता, ऋण एवं वित्तीय योजनाएं, बैंकिंग सहायता, रैम्प योजना तथा विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में प्रतिभागियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सही जानकारी, कौशल और वित्तीय संसाधनों के माध्यम से छोटे स्तर का प्रयास भी भविष्य में बड़े उद्यम का रूप ले सकता है।
स्थानीय संसाधनों में छिपी है रोजगार की बड़ी संभावना
विशिष्ट अतिथि सत्येंद्र सिंह राठौर ने उद्यमियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे आसपास उपलब्ध स्थानीय उत्पादों और संसाधनों में रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जरूरत केवल उन्हें पहचानने, बेहतर तरीके से विकसित करने और बाजार से जोड़ने की है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि नौकरी देने वाले बनने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने स्वावलंबन को व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण आधार बताया।
हर विकासखंड में पहुंचे उद्यमिता का संदेश
कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा ने पंचायतों एवं आईटीआई से आए विद्यार्थियों, उद्यमियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन एवं लघु उद्योग भारती के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन जिले के प्रत्येक विकासखंड में किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और महिलाओं को भी उद्यमिता के अवसरों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रतिभा, स्थानीय संसाधन और सरकारी योजनाओं को एक मंच पर लाकर कटनी जिले को स्वरोजगार, स्वावलंबन और उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन अमित सिंघई एवं निलेश विश्वकर्मा ने किया। आयोजन में महिला इकाई से प्रिया सोनी, श्वेता सिंघई, रश्मि जैन, आकांक्षा केसरी एवं अपर्णा गौर तथा पुरुष इकाई से राजकुमार असरानी, रॉकी राजपलानी, ईशान जैन, राहुल जैन एवं प्रभांशु वैश्य सहित विभिन्न संगठनों के उद्यमी एवं शासकीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का मूल संदेश स्पष्ट रहा स्थानीय संसाधनों को अवसर में बदलें, युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाएं और महिलाओं को उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर कटनी की मजबूत नींव तैयार करें।