मासूम बच्चे के मौत पर कलेक्टर ने गठित किया जाॅंच दल

0


मौत के मामले में सिविल सर्जन को हटाया गया
जाॅंच टीम पहुॅचने से पहले पहुॅचाया गया आक्सीजन सिलेंडर

एक-दो वर्षीय मासूम बच्चे की आॅक्सीजन की कमी के कारण मृत्यु होने के उपरांत जिला प्रषासन उस समय हरकत में आया, जब बच्चे का पिता कंधे पर मृतक बेटे को लेकर जिला कलेक्टेªट में पहुॅचकर कलेक्टर से के दर पर न्याय की गुहार लगाई। कि साहब जो मेरे बच्चे के साथ हुआ वह किसी के साथ न हो, इसलिए ऐसे गुनाहगारो को सजा मिलनी चाहिए। पिता की फरियाद पर कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर ने तत्काल प्रभाव से सिविल सर्जन को हटाया दिया और जांच कमेटी गठित कर दी, किंतु इतनी बड़ी लापरवाही में क्या किसी को हटा देना ही सजा है या फिर उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।
रिपोर्ट-राजेश सिंह

अनूपपुर/विगत कुछ समय से जिला चिकित्सालय की व्यवस्था चरमराई हुई है यहां तो भगवान भरोसे ही सारा सिस्टम चल रहा है। आयेदिन डाॅक्टर और स्टाफ के लापरवाही के कारण मरीजो की जान जाना आम बात हो गई है। यहीं कारण है कि अक्सर मरीज के परिजनो का कोपभाजन डाॅक्टर बनते है और फिर पूरा आरोप मरीजो पर थोपा जाता है, जबकि अधिकांष मामलो में डाॅक्टर और स्टाफ की लापरवाही अक्सर सामने आती है। जिस डाॅक्टर को लोग भगवान मानकर अपना इलाज कराने जाते है यदि वहीं यमराज की भूमिका में काम करने लगे तो मरीजो का विष्वास टूटना लाजिमी हो जाता है।
आॅक्सीजन के अभाव में तोड़ा दिया दम
जिले के जमुना काॅलरी क्षेत्र के रहने वाले कल्लू केवट का दो वर्षीय मासूम बेटे को अचानक बुखार आने के बाद उसकी तबियत बिगड़ी तो उसने सोमवार के दिन जिला चिकित्सालय में सुबह 11 बजे बच्चे को भर्ती कराया। जहां पर डाॅक्टर ने उसे ड्रिप और आॅक्सीजन देना शुरू किया,लेकिन कुछ ही देर बाद आॅक्सीजन खत्म हो गया जिसके बाद पिता कल्लू केवट वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स से आॅक्सीजन मंगाकर लगाने की मिन्नत करने लगा,लेकिन मौजूद स्टाफ नर्स ने पीड़ित पिता को आॅक्सीजन न होने का हवाला देकर बच्चे को लेकर चले जाने की नसीहत देने लगी। इसी बीच घंटे भर आॅक्सीजन के लिए पिता हल्ला मचाता रहा,लेकिन जब तक आॅक्सीजन आती है तब तक बच्चे की जान जा चुकी थी।
हटाये गये सिविल सर्जन
पीड़ित पिता अपने दो वर्षीय मासूम बच्चे को मृतक अवस्था में लेकर जिला कलेक्टर के पास पहुॅचा तथा डाॅक्टर और स्टाफ के उपर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की। जिस पर कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर ने सिविल सर्जन डाॅ. एस.आर परस्ते को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।
गठित हुई जांच कमेटी
बच्चे की मौत के मामले में अनूपपुर कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर ने जाॅंच कमेटी गठित की है जिसमें अपर कलेक्टर बी.डी. सिंह तथा एसडीएम अमन मिश्रा के द्वारा मंगलवार के दिन जिला चिकित्सालय पहुॅचकर मौत के मामले में डाॅक्टरो तथा स्टाफ से पूंछतांछ करने के अलावा आॅक्सीजन सिलेंडर की स्थिति का अवलोकन किया। अब देखना यह होगा कि जांच कमेटी इस मामले में अपनी क्या रिपोर्ट देती है।
जांच कमेटी से पहले पहुॅचा सिलेंडर
कलेक्टर द्वारा गठित जांच कमेटी 20 अगस्त 2019 को जब दोपहर के समय जांच करने जिला चिकित्सालय पहुॅची तो उससे पहले आनन-फानन में चिकित्सालय प्रबंधन ने आॅक्सीजन सिलेंडर मंगवाकर स्टोर में दिखाने के लिए सुरक्षित करा दिया। जिस दौरान आॅक्सीजन सिलेंडर मंगाया जा रहा था उसी समय चिकित्सालय प्रबंधन की करतूत कैमरे में कैद हो गई।
इनका कहना है
हमारे द्वारा जांच की गई, कुछ गलतियां पायीं गई है जिसकी रिपोर्ट हम कलेक्टर महोदय को सौंपेगें।
बी.डी.सिंह
अपर कलेक्टर, अनूपपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!