मुख्यमंत्री परिवहन योजना में नई मांग: गौरेला–मरही माता भनवारटंक मार्ग पर बस सेवा की आवश्यकता
मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन जीपीएम द्वारा मुख्यमंत्री परिवहन योजना अंतर्गत बस संचालन के लिए हाल ही में विज्ञप्ति जारी की गई है। इसी कड़ी में अब गौरेला से मरही माता स्थित भनवारटंक तक नियमित बस सेवा प्रारंभ करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
बताया जा रहा है कि जिले का सरहदी क्षेत्र भनवारटंक, जहां प्रसिद्ध मरही माता मंदिर स्थित है, श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में यह क्षेत्र रेलवे लाइन से जुड़ा हुआ है, लेकिन केवल पैसेंजर ट्रेनों के सीमित स्टॉपेज के कारण यात्रियों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है।
सड़क मार्ग से नियमित बस सेवा के अभाव में लोगों को निजी वाहनों या ट्रेन पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की परेशानी बढ़ती है। ऐसे में यदि मुख्यमंत्री परिवहन योजना के तहत इस मार्ग पर बस सेवा शुरू की जाती है, तो यह न केवल मरही माता मंदिर के श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
इस प्रस्तावित बस सेवा से भनवारटंक, कठौतिया, जोबा टोला, गौरीखेड़ा, पीपरखूंटी, रूपनडांड और पतरकोनी मड़ना जैसे क्षेत्रों के निवासियों को नियमित और सुलभ आवागमन का साधन मिल सकेगा।
स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों, विशेषकर सरपंचों ने प्रशासन से इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि बस सेवा शुरू होने से क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी।