कब्रिस्तान में बुलाकर अशोभनीय हरकत का आरोप, सिविल सर्जन के खिलाफ युवक ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन
संवेदनशील अंगों को छूने और दबाव बनाने का लगाया आरोप, सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्ड व लोकेशन जांच की मांगउमरिया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी पर एक युवक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में अशोभनीय हरकत, अनुचित शारीरिक संपर्क का प्रयास तथा बाद में झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाने की बात कही गई है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे सहित पूरे जिले में चर्चा का माहौल है।
जेल बिल्डिंग के पीछे निवासी 20 वर्षीय अरमान सोनी ने अपने आवेदन में बताया है कि 7 जून की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी ने उसे सिगरेट पीने के बहाने कब्रिस्तान क्षेत्र में बुलाया। युवक का आरोप है कि वहां पहुंचने पर संबंधित अधिकारी ने उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया और शरीर के संवेदनशील अंगों को अनुचित तरीके से छूने का प्रयास किया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद में बीयर पीने और “एन्जॉय” करने जैसी बातें कही गईं, जिससे उसे उनकी मंशा पर संदेह हुआ।
परिजनों को बुलाया, फिर थाने पहुंचा मामला
शिकायतकर्ता के अनुसार जब दोबारा अनुचित शारीरिक संपर्क का प्रयास किया गया तो उसने तत्काल अपने भाई एवं अन्य परिजनों को फोन कर मौके पर बुलाया। युवक का दावा है कि परिजनों के पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद सभी लोग शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे।
युवक का आरोप- बचाव में लगाए गए झूठे आरोप
आवेदन में कहा गया है कि थाने पहुंचने के बाद मामला अचानक पलट गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अपने बचाव में संबंधित अधिकारी ने उस पर और उसके साथियों पर मारपीट तथा पैसे लूटने जैसे आरोप लगाना शुरू कर दिया। युवक का कहना है कि ऐसा वास्तविक घटना से ध्यान हटाने और उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की मांग
अरमान सोनी ने आवेदन में कहा है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है। उसने सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि प्रभावशाली पद पर बैठे व्यक्ति के कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
फिलहाल आवेदन कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच चुका है। मामले में प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, लेकिन इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। प्रशासनिक और पुलिस जांच के निष्कर्षों पर ही आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
इनका कहना है….
सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी का पक्ष जानने के लिए उनसे फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया।