डिजिटल शिकायत के बाद बकेली में निजी क्लीनिक पर प्रशासन का बड़ा एक्शन मंदिर परिसर में चल रहे क्लीनिक पर छापा, दवाइयां जब्त; चिकित्सीय कार्य पर रोक, तीन दिन में मांगे दस्तावेज

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डिजिटल शिकायत के बाद बकेली में निजी क्लीनिक पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
मंदिर परिसर में चल रहे क्लीनिक पर छापा, दवाइयां जब्त; चिकित्सीय कार्य पर रोक, तीन दिन में मांगे दस्तावेज
कटनी।। जिले के विजयराघवगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघनपुरी के ग्राम बकेली में मंदिर परिसर से संचालित एक निजी क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दवाइयां जब्त कर चिकित्सीय गतिविधियों पर रोक लगा दी। यह कार्रवाई डिजिटल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार शिकायत प्राप्त होने के बाद जिला स्तर पर जांच दल का गठन किया गया। टीम में खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार, फार्मासिस्ट सनी राज एवं रत्नेश मिश्रा को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार राजेन्द्र श्रीवास्तव, सब इंस्पेक्टर धीरेन्द्र पाण्डे, क्षेत्रीय पटवारी एवं कोटवार भी उपस्थित रहे।
संयुक्त टीम ने 11 जून को ग्राम बकेली पहुंचकर मंदिर परिसर में संचालित क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सामने आया कि क्लीनिक का संचालन सीपी सिंह नाहर एवं भूपेन्द्र सिंह नाहर द्वारा किया जा रहा था। मौके पर उपलब्ध दवाइयों और चिकित्सकीय सामग्री की जांच कर पंचनामा तैयार किया गया तथा सूची बनाकर जब्ती की कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान संचालक सीपी सिंह नाहर ने स्वयं को मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति से डिप्लोमा प्राप्त बताया, लेकिन अधिकारियों द्वारा दस्तावेज मांगे जाने पर कोई वैध दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत नहीं किए जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संबंधित डिप्लोमा के आधार पर केवल संबंधित चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत उपचार की अनुमति होती है। निरीक्षण में टीम को क्लीनिक में एलोपैथिक एवं आयुर्वेदिक दोनों प्रकार की दवाइयां मिलीं। जांच में यह भी जानकारी सामने आई कि यहां मरीजों को भर्ती कर उपचार किए जाने की गतिविधियां संचालित हो रही थीं। टीम ने प्राथमिक स्तर पर यह पाया कि एलोपैथी पद्धति से उपचार के लिए आवश्यक अनुमति अथवा पंजीयन मौके पर उपलब्ध नहीं कराया गया।
उक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश उपचारगृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम, 1973 की धारा 3 एवं 4 के तहत कार्रवाई करते हुए 6 प्रकार की एलोपैथिक एवं 20 प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां जब्त की गईं तथा संबंधित क्लीनिक में चिकित्सीय कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।

साथ ही संबंधित संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तीन दिवस के भीतर मेडिकल प्रैक्टिस से जुड़े सभी वैध दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना आवश्यक अनुमति संचालित चिकित्सा सेवाओं की निगरानी और वैध स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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