रात, हथियार और पुलिस शहर में वारदात से पहले ही दबोचे गए संदिग्ध एक पिस्टल, तीन धारदार चाकू और चार चेहरे… कुठला पुलिस की रातभर चली कार्रवाई ने टाला बड़ा खतरा
रात, हथियार और पुलिस
शहर में वारदात से पहले ही दबोचे गए संदिग्ध
एक पिस्टल, तीन धारदार चाकू और चार चेहरे… कुठला पुलिस की रातभर चली कार्रवाई ने टाला बड़ा खतरा
कटनी।। रात गहराने लगी थी। सड़कों पर सन्नाटा था, लेकिन कुठला थाना क्षेत्र में पुलिस की पेट्रोलिंग लगातार जारी थी। हर गुजरती बाइक, हर सुनसान मोड़ और हर संदिग्ध हलचल पर नजर रखी जा रही थी। तभी पुलिस की नजर पिलौंजी मोड़ पर एक युवक पर जाकर ठहर गई। युवक की गतिविधियां सामान्य नहीं लग रही थीं। पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। पूछताछ शुरू हुई और फिर हुई तलाशी… जैसे ही तलाशी आगे बढ़ी, मौके का माहौल बदल गया। युवक के कब्जे से एक पिस्टल बरामद हुई। पुलिस ने बिना देर किए उसे हिरासत में ले लिया। पकड़े गए युवक की पहचान आदर्श कुशवाहा (22 वर्ष) के रूप में हुई।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस को अंदेशा था कि मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। इसके बाद रात के अंधेरे में कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया। कुठला पुलिस की टीम ट्रांसपोर्ट नगर और इन्द्रानगर पुल की ओर बढ़ी। वहां भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर जांच की गई। इसी दौरान दो युवक पुलिस के रडार पर आए। तलाशी में दोनों के कब्जे से दो धारदार चाकू बरामद हुए। पुलिस ने तत्काल दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान अनुराग पटेल और आर्यन निषाद के रूप में हुई। रात की कार्रवाई अभी जारी थी। इसी बीच पुलिस टीम इन्द्रानगर बैंकटेस धर्मशाला क्षेत्र पहुंची, जहां एक विधि उल्लंघनकारी बालक संदिग्ध हालत में मिला। जांच के दौरान उसके कब्जे से भी एक धारदार चाकू बरामद हुआ। उसे विधिक प्रक्रिया के तहत अभिरक्षा में लिया गया। एक ही रात में अलग-अलग स्थानों से एक पिस्टल और तीन धारदार चाकू बरामद होना कई सवाल छोड़ गया,आखिर ये हथियार किस उद्देश्य से रखे गए थे क्या कोई वारदात की तैयारी थी या सिर्फ अवैध कब्जा इन सभी पहलुओं पर पुलिस जांच कर रही है। कुठला पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई को थाना प्रभारी अखलेश दाहिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसकी तत्परता से संभावित अपराध की आशंका पर समय रहते कार्रवाई संभव हो सकी।