रीठी में 22 जून को रेल रोको आंदोलन की तैयारी तेज, मांगों पर अड़े क्षेत्रवासी कोटा-जबलपुर ट्रेन पुनः संचालन और दयोदय एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर प्रशासन से हुई शांतिपूर्ण चर्चा

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रीठी में 22 जून को रेल रोको आंदोलन की तैयारी तेज, मांगों पर अड़े क्षेत्रवासी
कोटा-जबलपुर ट्रेन पुनः संचालन और दयोदय एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर प्रशासन से हुई शांतिपूर्ण चर्चा
रीठी, कटनी। कोरोना काल से बंद पड़ी कोटा-जबलपुर ट्रेन के पुनः संचालन एवं दयोदय एक्सप्रेस के रीठी रेलवे स्टेशन पर ठहराव की मांग को लेकर क्षेत्र में आंदोलन की स्थिति बनती जा रही है। इसी क्रम में प्रस्तावित 22 जून के रेल रोको आंदोलन से पहले शुक्रवार को रीठी थाना परिसर में पुलिस-प्रशासन और रेल संघर्ष समिति के सदस्यों के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन को शांतिपूर्ण और कानून व्यवस्था के दायरे में संचालित करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
रेल संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन वर्षों से लंबित रेल सुविधाओं की मांग को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कोविड काल से बंद ट्रेन आज तक नहीं हुई शुरू
समिति सदस्यों ने बताया कि कोरोना काल के दौरान बंद हुई कोटा-जबलपुर ट्रेन अब तक पुनः शुरू नहीं हो सकी है, जिससे रीठी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि यदि ट्रेन संचालन तत्काल संभव नहीं है, तो कम से कम दयोदय एक्सप्रेस का रीठी स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित किया जाए, जिससे मरीजों, व्यापारियों, विद्यार्थियों एवं श्रमिकों को राहत मिल सके।
ज्ञापन के बाद भी कार्रवाई नहीं, आंदोलन का लिया निर्णय
रेल क्षेत्रीय समिति के अनुसार इस विषय को लेकर कई बार रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण क्षेत्रवासियों ने 22 जून को रेल रोको आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
बैठक के दौरान पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारियों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने की अपील की। साथ ही समिति की मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया गया।
जैन मंदिर परिसर में हुई जन बैठक, मिला व्यापक समर्थन
शुक्रवार देर शाम रीठी नगर के जैन मंदिर प्रांगण में क्षेत्रीय समिति और आम नागरिकों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सर्वसम्मति से आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। बैठक में लोगों ने एक स्वर में कहा—
“चाहे जो मजबूरी हो, मांग हमारी पूरी हो।”
व्यापारियों और सरपंच संघ ने दिया समर्थन
रेल क्षेत्रीय समिति के आंदोलन को व्यापारी संघ और सरपंच संघ का भी समर्थन मिला है। व्यापारियों ने 22 जून को प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन में शामिल होने की बात कही, वहीं सरपंच संघ ने जनपद क्षेत्र के गांवों से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
2009 के आंदोलन की भी हो रही चर्चा
क्षेत्रवासी वर्ष 2009 में रीठी रेलवे स्टेशन पर हुए बड़े रेल रोको आंदोलन को याद करते हुए इस बार भी व्यापक जनभागीदारी की बात कर रहे हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें 22 जून पर टिकी हैं, जहां एक ओर जनता अपनी मांगों को लेकर तैयार है तो दूसरी ओर प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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