जनता ने वोट दिया, अब हिसाब भी चाहिए: मेडिकल कॉलेज से लेकर बिजली-सड़क तक विपक्ष ने भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधियों को घेरा एनएसयूआई की पत्रकार वार्ता में जनसमस्याओं पर तीखे सवाल, सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग से लेकर जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था तक उठी आवाज; दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ बोले—जनता को आश्वासन नहीं, जवाब और काम चाहिए

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जनता ने वोट दिया, अब हिसाब भी चाहिए: मेडिकल कॉलेज से लेकर बिजली-सड़क तक विपक्ष ने भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधियों को घेरा
एनएसयूआई की पत्रकार वार्ता में जनसमस्याओं पर तीखे सवाल, सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग से लेकर जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था तक उठी आवाज; दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ बोले—जनता को आश्वासन नहीं, जवाब और काम चाहिए


कटनी। जनता से जुड़े बुनियादी सवालों और जिले के विकास को लेकर एनएसयूआई ने भाजपा सरकार और जिले के भाजपा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इंडियन कॉफी हाउस में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में छात्र हितों से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, कानून व्यवस्था और शहर के विकास तक कई गंभीर मुद्दे उठाए गए।
पत्रकार वार्ता में विपक्ष की ओर से साफ संदेश दिया गया कि कटनी की जनता ने अपने जनप्रतिनिधियों को वोट देकर जिम्मेदारी सौंपी है, इसलिए अब जनता अपने वोट का हिसाब भी मांग रही है। वक्ताओं ने कहा कि चुनाव के समय किए गए वादों और वर्तमान जमीनी स्थिति के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

सरकारी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा सबसे प्रमुख
पत्रकार वार्ता में कटनी में लंबे समय से चली आ रही शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को सबसे प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया। युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले तत्कालीन विधायक संदीप जायसवाल की ओर से कटनी में मेडिकल कॉलेज का मार्ग प्रशस्त होने की बात कही गई थी। इसी भरोसे के साथ जनता ने उन्हें अपना समर्थन और वोट दिया, लेकिन आज भी कटनी की जनता शासकीय मेडिकल कॉलेज का इंतजार कर रही है।


उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मेडिकल कॉलेज का मार्ग वास्तव में प्रशस्त हो चुका था तो आज तक कटनी को उसका लाभ क्यों नहीं मिला।
अंशु ने कहा कि मेडिकल कॉलेज केवल एक भवन या संस्थान का मुद्दा नहीं है, बल्कि कटनी के हजारों परिवारों के स्वास्थ्य और भविष्य का सवाल है। जिले की बड़ी आबादी को गंभीर इलाज के लिए जबलपुर या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में कटनी में मजबूत सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और शासकीय मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर सांसद वीडी शर्मा और विधायक संदीप जायसवाल से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि मेडिकल कॉलेज का वादा कहां तक पहुंचा।

पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज का विरोध जारी रखने का ऐलान
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने प्रस्तावित पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज का विरोध जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि संगठन विद्यार्थियों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर हर स्तर पर संघर्ष करेगा। एनएसयूआई का कहना है कि जिले में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें आम आदमी को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सके, न कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों की पहुंच तक सीमित रह जाएं।

सरकारी जिला अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल
पत्रकार वार्ता में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि जब जिले की जनता को सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सक, आवश्यक संसाधन और बेहतर व्यवस्थाएं नहीं मिलेंगी, तब स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास के दावों का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
विपक्ष ने सवाल उठाया कि जब जनता सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचती है तो उसे किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, चिकित्सकीय सुविधाओं के विस्तार और आम नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की है।

बिजली व्यवस्था पर विधायक को घेरा-‘जनता ने विधायक को वोट दिया, MPEB को नहीं’
शहर की बिजली व्यवस्था को लेकर भी पत्रकार वार्ता में भाजपा विधायक पर तीखा हमला बोला गया। दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने कहा कि जब शहर की बिजली व्यवस्था डगमगाती है और जनता परेशान होती है, तब विधायक की ओर से बिजली विभाग को पत्र लिख दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता ने विधायक को वोट दिया है या बिजली विभाग को, उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम केवल पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान कराना है। बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए यदि नागरिकों को बार-बार परेशान होना पड़े तो यह सीधे तौर पर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का विषय है।

सड़कों और मूलभूत सुविधाओं पर भी उठे सवाल
पत्रकार वार्ता में शहर की सड़कों और अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं को लेकर भी सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा गया। वक्ताओं ने कहा कि कटनी शहर की सड़कों, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर जनता लगातार समस्याओं का सामना कर रही है। विपक्ष ने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच यदि नागरिकों को सड़क, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़े तो सरकार को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए।

भाजपा की आपसी खींचतान में कटनी सैंडविच बन गया
दिव्यांशु मिश्रा ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों के बीच कथित गुटबाजी और आपसी मतभेदों को भी कटनी के विकास में बाधा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई से यदि शहर का विकास प्रभावित होता है तो यह जनता के साथ अन्याय है। उनके अनुसार भाजपा के जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेदों के चलते कटनी विकास के मामले में पीछे जा रहा है और शहर की जनता को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है।

छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने छात्र संघ चुनाव को प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी। उन्होंने बताया कि एनएसयूआई द्वारा दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा छात्र संघ चुनाव के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। एनएसयूआई की मांग है कि प्रदेश में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, ताकि विद्यार्थी स्वयं अपने प्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कर सकें।

इंजीनियरिंग कॉलेज, लॉ कॉलेज और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
जिले में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और शासकीय लॉ कॉलेज की स्थापना की मांग भी उठाई गई। एनएसयूआई ने कहा कि जिले के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
साथ ही महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने, रोजगारपरक नए पाठ्यक्रम शुरू करने, कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने और तिलक कॉलेज को ऑटोनोमस किए जाने की मांग भी रखी गई। संगठन ने कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

कानून व्यवस्था, नशे और सट्टे को लेकर भी सरकार को घेरा
पत्रकार वार्ता में कानून व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा गया। दिव्यांशु मिश्रा ने आरोप लगाया कि जिले में अपराध, नशे और सट्टे का कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने स्मैक, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री तथा सट्टे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे और अपराध के रास्ते से बचाना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

कटनी को बड़ा कस्बा कहने वालों को विकास का हिसाब देना चाहिए
भाजपा विधायक संजय पाठक द्वारा कटनी को बड़ा कस्बा कहे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए अंशु ने उन पर भी तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक कटनी के नेतृत्व का अवसर मिलने के बावजूद शहर का अपेक्षित विकास नहीं हुआ। उन्होंने विधायक संजय पाठक और उनके परिवार से जुड़े विभिन्न भूमि एवं खनन संबंधी मामलों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि इन मामलों में सरकार को निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। खनन से जुड़ी कथित 443 करोड़ रुपये की रिकवरी का उल्लेख करते हुए उन्होंने मांग की कि यदि सरकार की ओर से कोई वैधानिक बकाया वसूली योग्य है तो उसकी वसूली कर राशि को कटनी के विकास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जनहित के कार्यों में लगाया जाना चाहिए। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
जनता को भाषण नहीं, काम चाहिए
पत्रकार वार्ता का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि कटनी की जनता अब केवल चुनावी वादों और राजनीतिक बयानों से संतुष्ट नहीं होने वाली। मेडिकल कॉलेज, सरकारी जिला अस्पताल, सड़क, बिजली, शिक्षा, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता अपने जनप्रतिनिधियों से जवाब चाहती है। दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को वोट देकर पांच साल के लिए जिम्मेदारी सौंपी है और अब जनता यह जानना चाहती है कि उसके वोट के बदले कटनी को क्या मिला। उन्होंने भाजपा सरकार और जिले के जनप्रतिनिधियों से कटनी के विकास पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि शासकीय मेडिकल कॉलेज, बेहतर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था, इंजीनियरिंग और लॉ कॉलेज, कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता, सड़क-बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं, युवाओं के रोजगार और जिले की कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन आने वाले समय में अपना आंदोलन और तेज करेगा।
पत्रकार वार्ता में युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु ‘,युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल, युवा कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता सौम्या रंधेलिया, कमल पांडे, आईटी सेल प्रदेश उपाध्यक्ष शशांक गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष सचिन गर्ग, अभिषेक प्यासी और पार्षद विनीत जैसवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कटनी की सियासत में अब सवाल सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि जनता के वोट के बदले विकास और जवाबदेही का है। मेडिकल कॉलेज से लेकर अस्पताल, सड़क और बिजली तक विपक्ष ने इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का ऐलान कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधि इन सवालों का क्या जवाब देते हैं।

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