कोल परिवहन के ट्रकों ने हाईवे पर बना लिया अपना कब्जा
Ajay Namdev-7610528622
यमदूत बनकर खड़े रहते हैं कोल परिवहन के ट्रक 

अनूपपुर। मध्यप्रदेश सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरूद्ध करने के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किये हैं, लेकिन इसका असर अनूपपुर जिले में होता दिखाई नहीं दे रहा है। क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त खदानों से कोयले का उत्खनन किया जाता है व ट्रकों के माध्यम से बड़े-बड़े पावर प्लांट व प्राइवेट फैक्ट्री में भी भेजा जा रहा है जिस पर आज यह देखा जाता है कि कोयला लोड वाहनों को नेशनल हाईवे के इर्दगिर्द यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए खड़ा किया जाता है। साथ ही डोला नेशनल हाईवे के सामने दुकानों के पास भी इसी तरह वाहनों का आवागमन बना रहता है जिससे कई बार दुर्घटनाएं भी घटित हो चुकी हैं फिर भी प्रशासन द्वारा सड़क व आमजन की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार के उपाय नहीं किया गया है।
न्यायालय के आदेश का उल्लंघन
प्रशासन द्वारा आदेश भी जारी किया गया कि खदान से कोयला लेकर निकलने वाले वाहनों में पूरी तरह से त्रिपाल लगाकर बाहर जाना चाहिए, लेकिन कॉलरी प्रबंधक व प्रशासन की मिलीभगत होने के बावजूद ही कोयला लोड वाहनों को बिना त्रिपाल के ही कॉलरी परिसर के बाहर जाने दिया जाता हैं जिससे कि वाहनों से उडऩे वाले डस्ट समूचे क्षेत्र में फैल रहा है व ग्रामीण अंचल दूषित होता जा रहा है। इसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों से भी की गई है, लेकिन अधिकारियों के कानो में अब तक जंू नहीं रेगीं।
घटना फिर भी जिम्मेदार अधिकारी मौन
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक एनएच 43 पर कोयला लोड वाहनों की लंबी कतार हाईवे पर देखने को मिल सकती है, कटनी से लेकर चांडिल तक जाने वाले एनएच 43 में रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन आधी सड़क पर कोल ट्रको का कब्जा प्रतिदिन देखने को मिलता है। वैसे तो सड़क से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि और स्वयं सेवी संस्थाओं के नुमाईंदे भी गुजरते हैं, लेकिन कभी किसी ने यातायात में सुधार लाना मुनासिब नहीं समझा।