लिफ्ट लेकर रची साजिश,पहले बने हमसफर, फिर बन बैठें हत्यारे,व्हील पाना बना हथियार तीन आरोपी निकले कातिल,दो गिरफ्तार, तीसरा फरार
लिफ्ट लेकर रची साजिश,पहले बने हमसफर, फिर बन बैठें हत्यारे,व्हील पाना बना हथियार
तीन आरोपी निकले कातिल,दो गिरफ्तार, तीसरा फरार
कटनी।। जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई अंधी हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। महज कुछ पैसों के विवाद ने दोस्ती का रूप लेकर हत्या जैसे जघन्य अपराध को जन्म दिया, जिसमें तीन युवकों ने मिलकर एक ट्रक चालक की बेरहमी से जान ले ली।
थाना स्लीमनाबाद पुलिस ने अप. क्र. 216/26 धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत दर्ज हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है। घटना 10-11 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात की है, जब डायल 112 पर सूचना मिली कि छपरा नेशनल हाईवे पर एक वाहन MP 20 GA 6242 में एक व्यक्ति खून से लथपथ हालत में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विवेचना के दौरान मृतक की पहचान राकेश दाहिया (42), निवासी खितौला सिहोरा, जबलपुर के रूप में हुई, जो पेशे से वाहन चालक था। पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। दिनांक 22 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर संदेही रोहित कोल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथी अमन चौबे उर्फ पंकज उर्फ भूत एवं मनोज के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मृतक से लिफ्ट ली, साथ में शराब पी और फिर पैसों की मांग की। पैसे न देने पर तीनों ने मिलकर हाथ-मुक्कों और व्हील पाना से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने रोहित कोल (21) और अमन चौबे (22) को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त व्हील पाना और मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी, थाना प्रभारी सुदेश कुमार, उपनिरीक्षक अनिल यादव सहित पुलिस टीम एवं साइबर सेल के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।