हरित क्रांति की ओर बड़ा कदम लाल पहाड़ी पर 9 हजार पौधों की तैयारी, निगमायुक्त तपस्या परिहार ने किया निरीक्षण 2 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा हरित क्षेत्र, पौधारोपण के साथ संरक्षण पर भी रहेगा विशेष फोकस
हरित क्रांति की ओर बड़ा कदम लाल पहाड़ी पर 9 हजार पौधों की तैयारी, निगमायुक्त तपस्या परिहार ने किया निरीक्षण
2 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा हरित क्षेत्र, पौधारोपण के साथ संरक्षण पर भी रहेगा विशेष फोकस
कटनी।। नगर को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में नगर निगम ने अपने पौधारोपण अभियान को गति दे दी है। इसी अभियान के तहत निगमायुक्त तपस्या परिहार ने गुरुवार को लाल पहाड़ी पहुंचकर प्रस्तावित पौधारोपण स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने पौधारोपण स्थल पर चल रहे भूमि विकास कार्य, गड्ढों की खुदाई तथा पौधों के संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हरित कटनी का संकल्प केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उपयंत्री मोना करेरा ने जानकारी दी कि लगभग 2 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण के लिए करीब 9 हजार गड्ढों की खुदाई का कार्य पूरा किया जा चुका है। इस पर निगमायुक्त ने शेष क्षेत्र में भी शीघ्र खुदाई पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए स्थल की समुचित फिनिशिंग, फेंसिंग तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के दौर में हरित आवरण का विस्तार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। नगर निगम का लक्ष्य केवल वृक्षारोपण करना नहीं, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना है। इसके लिए सिंचाई, सुरक्षा और नियमित देखरेख की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर पौधारोपण अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस पर्यावरणीय अभियान से जुड़ सकें।
निरीक्षण के दौरान सहायक यंत्री आदेश जैन, उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव, उपयंत्री मोना करेरा सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यदि यह अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में लाल पहाड़ी क्षेत्र कटनी के प्रमुख हरित क्षेत्रों में शामिल होगा और शहर के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगा।