जल संरक्षण का बड़ा मॉडल एसीसी खदान बनेगी शहर का ‘वॉटर बैंक’, भविष्य की प्यास बुझाने की तैयारी निगमायुक्त तपस्या परिहार ने किया निरीक्षण, फेंसिंग, पौधारोपण, एप्रोच रोड और पर्यटन केंद्र विकसित करने के दिए निर्देश
जल संरक्षण का बड़ा मॉडल एसीसी खदान बनेगी शहर का ‘वॉटर बैंक’, भविष्य की प्यास बुझाने की तैयारी
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने किया निरीक्षण, फेंसिंग, पौधारोपण, एप्रोच रोड और पर्यटन केंद्र विकसित करने के दिए निर्देश
कटनी।। शहर में जल संकट से निपटने और वर्षाजल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। माधवनगर क्षेत्र का बरसात का पानी अब व्यर्थ नहीं बहेगा, बल्कि एसीसी खदान क्रमांक-5 में संरक्षित किया जाएगा। यह खदान भविष्य में शहर के लिए एक बड़े ‘वॉटर बैंक’ के रूप में काम करेगी। नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार ने एसीसी खदान का निरीक्षण कर वर्षाजल संचयन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को खदान की सुरक्षा के लिए फेंसिंग, बड़े पैमाने पर पौधारोपण, एप्रोच रोड निर्माण और पूरे क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। नगर निगम के अनुसार माधवनगर के 7-11 नाले से बहने वाले वर्षाजल को पहले स्टॉप डैम में रोका जाएगा और वहां से ओपन चैनल के माध्यम से सीधे एसीसी खदान में पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा कटाए घाट बैराज के ओवरफ्लो होने पर अतिरिक्त पानी को भी पाइपलाइन और मोटर पंप की मदद से खदान तक पहुंचाने की व्यवस्था पहले से तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि खदान में संग्रहित पानी को जरूरत पड़ने पर शोधन के बाद शहर की पेयजल आपूर्ति में शामिल किया जा सकेगा। इससे गर्मी के दिनों में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, भूजल स्तर में सुधार होगा और नगर को एक मजबूत वैकल्पिक जल स्रोत मिलेगा। निगमायुक्त तपस्या परिहार ने कहा कि वर्षा की हर बूंद अमूल्य है। यदि उसका वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण किया जाए तो वही पानी भविष्य में शहर के लिए अमृत साबित हो सकता है।
नगर निगम की यह पहल केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, भूजल संवर्धन और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि योजना सफल रही तो एसीसी खदान कटनी के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकती है।