शादी का झांसा देकर 10 साल तक शोषण, जानलेवा हमले का आरोप; स्थानीय पुलिस पर भी उठे सवाल, पीड़िता पहुंची एसपी कार्यालय
शादी का झांसा देकर 10 साल तक शोषण, जानलेवा हमले का आरोप; स्थानीय पुलिस पर भी उठे सवाल, पीड़िता पहुंची एसपी कार्यालय
कटनी।। जिले की बड़वारा तहसील से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने गांव के ही युवक पर शादी का झांसा देकर वर्षों तक शारीरिक शोषण करने, गर्भपात कराने और बाद में जान से मारने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में स्थानीय थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। पीड़िता ने न्याय की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी है।
पीड़िता का आरोप है कि घटना की शिकायत लेकर जब वह स्थानीय थाना पहुंची, तो उसकी बात पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। युवती ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उसे वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचना पड़ा। हालांकि पुलिस की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के अनुसार, बड़वारा तहसील के ग्राम संकरीगढ़ निवासी 24 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि ग्राम गणेशपुर निवासी प्रभात पटेल उर्फ छोटू पटेल (25) पिछले लगभग 10 वर्षों से उसे शादी का भरोसा देता रहा। शिकायत में दावा किया गया है कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाए और कई बार गर्भ ठहरने की स्थिति आने पर कथित रूप से दवा देकर गर्भपात कराया गया, जिससे उसका स्वास्थ्य प्रभावित हुआ।
अहमदाबाद में साथ रहने और विवाद बढ़ने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 को दोनों रोजगार के लिए अहमदाबाद गए थे और वहां साथ रह रहे थे। बाद में फरवरी 2026 में गांव लौटने के बाद उसे जानकारी मिली कि युवक के परिवार द्वारा उसकी दूसरी शादी कराने की तैयारी की जा रही है। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसे भरोसा दिया गया कि शादी नहीं होगी, लेकिन बाद में स्थिति बदल गई।

घर बुलाकर हमले की कोशिश का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने उसे अपने घर बुलाया, जहां उसके साथ जानलेवा घटना का प्रयास किया गया। इसके बाद पीड़िता ने 16 जून 2026 को कटनी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी, उसके परिजनों और मामले में कथित लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल मामले में पुलिस द्वारा शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
