विश्व पर्यावरण दिवस पर कलेक्टर ने किया पौधारोपण, ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का दिया संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस पर कलेक्टर ने किया पौधारोपण, ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का दिया संदेश
कटनी।। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कलेक्टर आशीष तिवारी ने बहोरीबंद एसडीएम कार्यालय परिसर में आम का पौधा रोपकर जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया। यह पौधारोपण राज्य शासन के महत्वाकांक्षी ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत किया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम में एसडीएम बहोरीबंद प्रदीप कुमार मिश्रा, तहसीलदार आशीष अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ अभिषेक सिंह, परियोजना अधिकारी सतीश पटेल सहित पटवारी एवं कोटवार भी शामिल हुए और पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कलेक्टर ने नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों, स्व-सहायता समूहों, नगरीय निकायों, पंचायतों एवं सामाजिक संगठनों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है।
कलेक्टर ने रोपे गए पौधों की जियो-टैगिंग कर उनका पंजीयन Meri LiFE पोर्टल पर कराने तथा पोर्टल के माध्यम से पौधों की निगरानी एवं संरक्षण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में शुरू हुआ यह अभियान इस वर्ष 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक जिले भर में जनसहभागिता के साथ संचालित किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता संवर्धन एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष का आयोजन संयुक्त राष्ट्र की थीम ‘Inspired by Nature, For Climate and For Our Future’ तथा देशव्यापी संदेश ‘Now for Climate’ पर केंद्रित है।
जिलेभर में पर्यावरण जागरूकता रैलियां, संगोष्ठियां, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं, पौधारोपण अभियान, स्वच्छता गतिविधियां तथा पर्यावरण शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।
‘एक पेड़ – अनेक जीवन’ तथा ‘प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए हमारा भविष्य’ जैसे विषयों पर आयोजित विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण, जैव-विविधता संवर्धन, प्लास्टिक मुक्त वातावरण और हरित विकास का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।