डर, धमकी और वसूली….वर्दी का खौफ, जेब पर वार….आधी रात ट्रकों को बंधक बनाकर 35 हजार की उगाही, गर्ग चौराहे पर अफसर बनकर डकैती जैसा खेल, पुलिस जांच में जुटी फर्जी माइनिंग अफसर बनकर ट्रकों से वसूली, गर्ग चौराहे पर 35 हजार की मांग से हड़कंप,कटनी में नकली अफसरों का आतंक,गत दिवस देर रात ट्रक चालकों को बनाया निशाना गर्ग चौराहे पर फर्जीवाड़ा..शहर में मचा हड़कंप
डर, धमकी और वसूली….वर्दी का खौफ, जेब पर वार….आधी रात ट्रकों को बंधक बनाकर 35 हजार की उगाही, गर्ग चौराहे पर अफसर बनकर डकैती जैसा खेल, पुलिस जांच में जुटी
फर्जी माइनिंग अफसर बनकर ट्रकों से वसूली, गर्ग चौराहे पर 35 हजार की मांग से हड़कंप,कटनी में नकली अफसरों का आतंक,गत दिवस देर रात ट्रक चालकों को बनाया निशाना गर्ग चौराहे पर फर्जीवाड़ा..शहर में मचा हड़कंप
कटनी।। शहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कुछ युवकों ने खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर रेत व गिट्टी से भरे ट्रकों को रोककर अवैध वसूली का प्रयास किया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के गर्ग चौराहे का है, जहां गत दिवस देर रात हुई इस घटना ने कारोबारियों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेत कारोबारी गिरीश बड़गैंया का 10 चक्का हाइवा वाहन एमपी 16 एएच 1230 रविवार रात करीब 12:30 बजे रेत लेकर कटनी पहुंचा। जैसे ही वाहन गर्ग चौराहे के पास पहुंचा, वहां पहले से मौजूद 3-4 युवकों ने ट्रक को रोक लिया। आरोप है कि इन युवकों ने खुद को माइनिंग अधिकारी बताते हुए ओवरलोडिंग और दस्तावेज जांच के नाम पर चालक से पूछताछ शुरू कर दी। कारोबारी के अनुसार, आरोपियों ने चालक को कार्रवाई का डर दिखाते हुए 35 हजार रुपए की मांग की। जब चालक ने पैसे देने से इनकार किया तो उसे धमकाया गया और वाहन जब्त कर थाने ले जाने की बात कही गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे कारोबारी के साथ भी आरोपियों ने अभद्रता की और गाली-गलौज करते हुए दबाव बनाने का प्रयास किया। चौंकाने वाली बात यह रही कि एक युवक ने खुद को अंकुश शुक्ला बताते हुए कोतवाली थाना का सिपाही होने का दावा किया और वाहन को जबरन ले जाने की कोशिश की। बाद में दबाव और आश्वासन के बीच वाहन को छोड़ दिया गया।

जांच में खुला फर्जीवाड़ा
घटना के बाद संदेह होने पर कारोबारी ने माइनिंग विभाग से संपर्क किया, जहां यह स्पष्ट हुआ कि धर्मेंद्र कुमार जैन, राहुल गुप्ता और जितेंद्र बर्मन नामक व्यक्ति विभाग से जुड़े नहीं हैं। इससे यह साफ हो गया कि फर्जी अधिकारी बनकर वसूली का एक संगठित गिरोह सक्रिय है।
धमकियों का सिलसिला जारी
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद कारोबारी को 9981791929 और 7566428568 नंबरों से लगातार धमकी भरे फोन कॉल आए, जिनमें गाली-गलौज कर दबाव बनाने की कोशिश की गई। इस घटना के सामने आने के बाद रेत और गिट्टी कारोबारियों में भय का माहौल है। उनका कहना है कि यदि खुलेआम इस तरह फर्जी अधिकारी बनकर वसूली की जा रही है, तो यह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
कोतवाली थाना प्रभारी राखी पांडेय ने बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और प्रारंभिक जांच में ऐसी 3-4 घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस मोबाइल नंबरों की लोकेशन और संदिग्ध वाहन के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। कटनी में सक्रिय यह फर्जी वसूली गिरोह न सिर्फ कानून का मजाक उड़ा रहा है, बल्कि व्यापारियों की सुरक्षा और विश्वास को भी गहरी चोट पहुंचा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी तेजी और सख्ती से इस गिरोह का पर्दाफाश कर पाती है। सामने आया यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की कमजोरी का आईना है। फर्जी अफसर बनकर खुलेआम वसूली करना इस बात का संकेत है कि अपराधियों को कानून का भय नहीं रहा। अब यह प्रशासन के लिए केवल जांच का नहीं, बल्कि विश्वास बहाली का मामला बन चुका है। तेज और पारदर्शी कार्रवाई ही इस डर के माहौल को खत्म कर सकती है।