गुम मोबाइल से लेकर मालिक तक….तकनीक और पुलिस की मेहनत लाई रंग 20 लाख के 110 गुम मोबाइल खोजकर लौटाए ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान में बड़ी सफलता: CEIR पोर्टल की मदद से प्रदेश के विभिन्न जिलों से बरामद हुए मोबाइल हितग्राहियों ने कहा—उम्मीद नहीं थी कि मोबाइल फिर मिलेगा
गुम मोबाइल से लेकर मालिक तक….तकनीक और पुलिस की मेहनत लाई रंग 20 लाख के 110 गुम मोबाइल खोजकर लौटाए
‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान में बड़ी सफलता: CEIR पोर्टल की मदद से प्रदेश के विभिन्न जिलों से बरामद हुए मोबाइल
हितग्राहियों ने कहा—उम्मीद नहीं थी कि मोबाइल फिर मिलेगा
कटनी।। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित राज्यव्यापी ‘सेफ क्लिक 2.0’ साइबर सुरक्षा अभियान के समापन अवसर पर पुलिस ने ऐसी मिसाल पेश की, जिसने आमजन के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की सहायता से 110 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए गए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है। कार्यक्रम के दौरान जब पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने हितग्राहियों को उनके मोबाइल लौटाए, तो कई लोगों के चेहरे पर वर्षों बाद अपनी खोई हुई अमानत मिलने की खुशी साफ दिखाई दी।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से नागरिकों ने अपने मोबाइल गुम होने की शिकायतें साइबर सेल एवं भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर दर्ज कराई थीं। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य के मार्गदर्शन में साइबर सेल को सभी शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण, IMEI ट्रैकिंग और प्रदेश के विभिन्न जिलों की साइबर सेल एवं थाना पुलिस के समन्वय से लगातार अभियान चलाया। महीनों की मेहनत के बाद कुल 110 मोबाइल फोन बरामद किए गए और सभी को उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाया गया।
साप्ताहिक बाजार, भीड़ और यात्रा बनी मोबाइल गुम होने की सबसे बड़ी वजह
जांच में सामने आया कि अधिकांश मोबाइल साप्ताहिक बाजारों में खरीदारी के दौरान, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लापरवाही से भूल जाने अथवा यात्रा के समय जेब से गिर जाने के कारण गुम हुए थे। साइबर टीम ने लगातार तकनीकी ट्रैकिंग जारी रखी और प्रदेश के अलग-अलग जिलों से मोबाइल बरामद कराए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि मोबाइल गुम होते ही बिना देर किए भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर IMEI नंबर तत्काल ब्लॉक कराएं। इससे मोबाइल के दुरुपयोग को रोका जा सकता है और उसे वापस मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि CEIR पोर्टल पर आम नागरिक स्वयं शिकायत दर्ज कर सकते हैं तथा अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति भी ऑनलाइन देख सकते हैं। इससे समय की बचत होती है और पुलिस कार्यवाही में पारदर्शिता भी बनी रहती है।
सफलता एक नजर में
बरामद मोबाइल:110
अनुमानित कीमत:20 लाख
माध्यम: भारत सरकार का CEIR पोर्टल
अभियान: सेफ क्लिक 2.0
नेतृत्व: पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा
मार्गदर्शन: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य
सहयोग: कटनी साइबर सेल, संबंधित थाना पुलिस एवं प्रदेश के विभिन्न जिलों की साइबर सेल
साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण संभव है। जागरूक बनें, सतर्क रहें और किसी भी साइबर घटना की तत्काल सूचना पुलिस एवं CEIR पोर्टल पर दें। अभियान ने यह साबित कर दिया कि यदि शिकायत समय पर दर्ज की जाए और तकनीक का सही उपयोग हो, तो खोई हुई उम्मीदें भी वापस लौट सकती हैं।