हाल ए हलचल न्यूज़ की बड़ी पहल: ग्राम पंचायत कोरजा में पेयजल संकट और बेघर परिवारों की समस्या पर जनपद सीईओ सख्त, दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

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दिलीप सोनी कोरजा एवं मोहम्मद शाकिब की रिपोर्ट 

गौरेला: जनपद पंचायत गौरेला के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोरजा में इन दिनों बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। जहां एक ओर पंचायत भवन की दुर्दशा और नल-जल योजना में जनप्रतिनिधियों की मनमानी के कारण जनता परेशान है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग की कार्रवाई से कई परिवार बेघर हो गए हैं।

 

इन सभी गंभीर समस्याओं को ‘हाल ए हलचल न्यूज़’ की टीम ने प्रमुखता से उठाया। ‘हाल ए हलचल’ की इस सार्थक पहल और जमीनी रिपोर्टिंग के बाद जनपद पंचायत गौरेला के सीईओ श्री ज्ञानदर भगत ने अत्यंत संवेदनशीलता और सख्ती दिखाते हुए त्वरित निराकरण के निर्देश दिए हैं।

 

‘हाल ए हलचल न्यूज़’ की टीम द्वारा उठाई गई कोरजा पंचायत की प्रमुख समस्याएँ और उन पर हुई कार्यवाही निम्नलिखित हैं:

 

1. नल-जल योजना में मनमानी और पेयजल संकट

ग्राम पंचायत में पेयजल आपूर्ति को लेकर भारी लापरवाही बरती जा रही है। हाल ए हलचल की टीम ने पाया कि सरकारी बोर में मशीन लगे होने के बावजूद ग्राम सरपंच और सचिव द्वारा ‘नल-जल योजना’ के अंतर्गत पानी की सप्लाई रोक कर रखी गई है। इसके साथ ही, वार्ड क्रमांक 8 में पंचायत प्रतिनिधियों और उनके खास व्यक्तियों द्वारा लगभग 200 लोगों की पानी की सप्लाई जानबूझकर रोक दी गई है, जिससे वार्डवासियों में भारी आक्रोश है।

 

2. पंचायत भवन की दुर्दशा और शौचालय बना कबाड़खाना

कोरजा पंचायत भवन, जो गांव के विकास का केंद्र होना चाहिए, वह खुद बदहाली का शिकार है। पंचायत भवन के शौचालय का उपयोग कबाड़ रखने के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा, पंचायत भवन परिसर में कर्मचारियों और आम लोगों के लिए शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है।

 

3. कृषि विभाग के कर्मचारियों और किसानों को परेशानी

कोरजा पंचायत भवन में ही कृषि विभाग संचालित होता है, जहां से किसानों को खाद और बीज बांटे जाते हैं। लेकिन यहां काम करने वाले कर्मचारियों और दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए शुद्ध पानी तक उपलब्ध नहीं है।

 

4. वार्ड 5 में नए हैंडपंप की मांग

कोरजा के वार्ड संख्या 5 स्थित राठौर मोहल्ला (लालपुर मार्ग) में पेयजल की भारी किल्लत है। टीम द्वारा यहां के निवासियों के लिए एक सरकारी बोर और हैंडपंप की सख्त आवश्यकता को प्रशासन के सामने रखा गया।

 

5. वन भूमि से बेघर हुए परिवारों के विस्थापन की पहल (सीईओ का सराहनीय कदम)

गौरेला रेंज के पंडरी पानी बीट के कक्ष क्रमांक 2343 (कोरजा भैंसलोंटी) में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन प्लांट में अवैध कटाई और वन भूमि पर बने मकानों को हटाकर अतिक्रमण मुक्त कराया है। इस कार्रवाई के बाद कई परिवार बेघर हो गए।

 

बरसात का मौसम सिर पर होने के कारण इन बेघर परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था। इस मानवीय समस्या के निदान के लिए ‘हाल ए हलचल न्यूज़’ की टीम ने जनपद सीईओ ज्ञानदर भगत से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। सीईओ भगत ने संवेदनशीलता दिखाते हुए टीम को आश्वासन दिया है कि बरसात शुरू होने से पहले इन बेघर पीड़ित परिवारों को पंचायत के ही किसी शासकीय भवन में विस्थापित किया जाएगा।

 

जनपद सीईओ का सख्त रुख और त्वरित कार्यवाही:

पेयजल संकट, पंचायत भवन की बदहाली और बेघर हुए लोगों की समस्याओं को लेकर ‘हाल ए हलचल’ की टीम द्वारा संज्ञान दिलाए जाने पर जनपद पंचायत गौरेला के सीईओ ज्ञानदर भगत ने तत्काल प्रभाव से कदम उठाए।

 

सीईओ ज्ञानदर भगत ने पंचायत भवन के शौचालय से कबाड़ हटवाने, ठप पड़ी नल-जल योजना को सुचारू रूप से चालू कराने और वार्ड 5 में हैंडपंप की व्यवस्था के संबंध में ग्राम कोरजा के सचिव और सरपंच को त्वरित निराकरण के लिए आदेशित किया है। इसके साथ ही बेघर परिवारों को बारिश से पहले सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने का उनका आश्वासन एक बेहद सराहनीय और मानवीय कदम है।

 

‘हाल ए हलचल न्यूज़’ की इस जनसरोकार से जुड़ी पहल और प्रशासन के सक्रिय रुख के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही कोरजा ग्राम पंचायत की इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा।

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