पत्नी पर बसुले से हमला करने वाले पति को 3 साल की सजा, AGP कौशल सिंह की प्रभावी पैरवी से कोर्ट ने सुनाया फैसला
पेंड्रारोड। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार (पेंड्रारोड, बिलासपुर) की अदालत ने अपनी ही पत्नी पर लोहे के बसुले से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी पति बुधराम उइके को दोषी ठहराते हुए 3 साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में राज्य शासन की ओर से AGP कौशल सिंह ने मजबूत पैरवी कर आरोपी को सजा दिलाई।
घटना: 12 अप्रैल 2025 की शाम को नवाटोला (पेण्ड्रा) में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान आरोपी बुधराम उइके ने मामूली विवाद पर अपनी पत्नी चंद्रवती के कंधे व पीठ के निचले हिस्से पर लोहे के बसुले से जोरदार हमला कर दिया था, जिससे वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गई थी।
धाराएं एवं प्रकरण: पुलिस थाना पेण्ड्रा में अपराध दर्ज होने के बाद मामला अदालत में पेश किया गया (सत्र प्रकरण क्रमांक 37/2025)।
AGP कौशल सिंह की मजबूत पैरवी:
मामले की सुनवाई के दौरान AGP श्री कौशल सिंह ने अभियोजन पक्ष का पक्ष अत्यंत मजबूती से रखा:
गवाहों के बयान: AGP कौशल सिंह ने दामाद (खेलावन सिंह) व अन्य प्रत्यक्षदर्शियों और गवाहों के बयानों को अदालत के सामने प्राथमिकता से रखा, जिन्होंने आरोपी को घटना के वक्त हाथ में बसुला लहराते और हमला करते देखा था।
मेडिकल व फॉरेंसिक साक्ष्य: उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत कर साबित किया कि पीड़िता को 16x5x3 सेमी का गहरा घाव लगा था और उसकी 4 पसलियां टूट गई थीं। समय पर इलाज न मिलने पर उसकी जान भी जा सकती थी।
FSL रिपोर्ट का प्रमाण: जब्तशुदा बसुले पर इंसानी खून (Human Blood) पाए जाने की फॉरेंसिक (FSL) रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर अपराध सिद्ध किया।
सख्त सजा की मांग: सजा पर बहस के दौरान AGP कौशल सिंह ने दलील दी कि पति द्वारा पत्नी पर इस तरह जानलेवा हमला करना गंभीर अपराध है। समाज में कड़ा संदेश देने के लिए आरोपी को सख्त सजा दी जानी चाहिए।
अदालत का फैसला:
दोषसिद्धि: न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के तर्कों व साक्ष्यों को स्वीकार करते हुए आरोपी बुधराम उइके को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (भाग-II) के तहत दोषी माना।
सजा: आरोपी को 3 वर्ष का सश्रम कारावास (R.I.) और ₹500 का अर्थदंड (अर्थदंड न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त सश्रम कारावास) भुगतने का आदेश दिया गया।