22 साल के बेटे की मौत ने मां को किया बेचैन बोली- विवेक आत्महत्या नहीं कर सकता फांसी पर लटका मिला युवक, अंतिम संस्कार की सूचना भी मां से छिपाने का आरोप एसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

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22 साल के बेटे की मौत ने मां को किया बेचैन बोली- विवेक आत्महत्या नहीं कर सकता

फांसी पर लटका मिला युवक, अंतिम संस्कार की सूचना भी मां से छिपाने का आरोप एसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
कटनी। कुठला थाना क्षेत्र में करीब 22 वर्षीय युवक विवेक यादव की फांसी लगाकर हुई मौत अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। मृतक की मां सुशीला यादव ने अपने बेटे की मौत को सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। मां ने पुलिस अधीक्षक कटनी को लिखित आवेदन देकर पूरे घटनाक्रम की सूक्ष्म, निष्पक्ष और वैधानिक जांच कराने की मांग की है।


मां का कहना है कि मेरा 22 वर्षीय बेटा किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या नहीं कर सकता। उनके अनुसार बेटे की मौत जिस परिस्थितियों में हुई, परिवार की ओर से उन्हें समय पर सूचना नहीं दी गई और उनके कटनी पहुंचने से पहले ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। यही परिस्थितियां उन्हें लगातार परेशान कर रही हैं।
एसपी को दिए आवेदन के मुताबिक, 3 अगस्त 2026 को सुशीला यादव को अपने बेटे की मौत की जानकारी सीधे उसके साथ रहने वाले परिजनों से नहीं मिली। उन्हें अन्य माध्यम से फोन पर बताया गया कि विवेक ने फांसी लगा ली है और उसकी मृत्यु हो गई है।


मां का आरोप है कि जानकारी मिलते ही वह रीवा से कटनी के लिए रवाना हुईं, लेकिन यहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उसी दिन विवेक का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। मां के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि मौत सामान्य परिस्थितियों में हुई थी तो परिवार की मां को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई और उनके पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार क्यों कर दिया गया?
सुशीला यादव ने अपने आवेदन में दावा किया है कि उन्हें मोबाइल पर भेजी गई तस्वीरों और वीडियो में विवेक के हाथों पर कुछ निशान, फफोले और कालापन दिखाई दे रहा है। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर उन्होंने आशंका जताई है कि मामला केवल फांसी लगाकर आत्महत्या का नहीं, बल्कि संभवतः हत्या के बाद शव को फांसी पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का हो सकता है।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और तस्वीरों में दिखाई देने वाले निशानों का वास्तविक कारण पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो सकेगा।

संपत्ति विवाद का एंगल भी सामने आया
मृतक की मां ने अपने आवेदन में एक अन्य महत्वपूर्ण आशंका भी व्यक्त की है। उनका कहना है कि उन्हें जानकारी मिल रही थी कि विवेक अपनी दादी मुन्नी यादव के नाम दर्ज संपत्ति/जमीन में अपने हिस्से की मांग कर रहा था। मां ने इसी कथित संपत्ति विवाद को भी बेटे की संदिग्ध मौत के पीछे संभावित कारणों में से एक बताया है। सुशीला यादव ने पुलिस को दिए आवेदन में दीपक यादव, जित्तू यादव, मंगल यादव, कंधी यादव, राजू यादव, पन्नालाल यादव और प्रिया यादव सहित कुछ परिजनों पर व्यक्तिगत रूप से संदेह व्यक्त किया है।
मां का आरोप है कि षड्यंत्रपूर्वक विवेक की हत्या कर उसके शव को फांसी पर लटकाया गया हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित लोगों की भूमिका जांच का विषय है। किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का सामने आना आवश्यक है।

अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
पूरे मामले में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब पुलिस जांच के माध्यम से सामने आना जरूरी है.
विवेक की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं,घटना की सूचना सबसे पहले किसे और कब मिली,मृतक की मां को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई,अंतिम संस्कार इतनी जल्दी क्यों किया गया,
घटनास्थल पर पुलिस और फोरेंसिक जांच किस स्तर पर हुई,,तस्वीरों में दिखाई दे रहे हाथों के निशानों का वास्तविक कारण क्या है,क्या कोई संपत्ति विवाद या अन्य पारिवारिक विवाद था, पोस्टमार्टम एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्य मौत को आत्महत्या बताते हैं या किसी अन्य संभावना की ओर संकेत करते हैं।

इन सवालों का जवाब वैधानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य, मोबाइल/डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के और फोरेंसिक जांच से ही सामने आ सकता है।

मुझे मेरे बेटे के लिए न्याय चाहिए
मृतक की मां ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए किसी भी पूर्वाग्रह के बिना निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि विवेक ने आत्महत्या की है तो उसके कारण और परिस्थितियां सामने आनी चाहिएं और यदि उसकी हत्या हुई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल यह मामला आरोप और आशंका के स्तर पर है। विवेक की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी, इसका अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है,22 साल के विवेक की मौत वास्तव में आत्महत्या थी, या मां की आशंका के पीछे कोई अनदेखी कहानी छिपी है.
इसका जवाब पुलिस की निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा।

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